नारी डेस्क : कलौंजी को आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में हजारों सालों से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे Nigella Seeds या Black Seed भी कहा जाता है। मान्यता है कि “कलौंजी हर बीमारी की दवा है, सिवाय मौत के”। विशेषज्ञों के अनुसार, सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर कलौंजी कई आम और गंभीर बीमारियों में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर में असरदार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कलौंजी ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करती है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में यह इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ा सकती है। इसके अलावा, इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी सहायक माने जाते हैं।

पेट की समस्याओं में मिलती है राहत
डॉक्टरों का कहना है कि गैस, एसिडिटी, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए कलौंजी फायदेमंद हो सकती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और आंतों की सेहत सुधारने में मदद करती है।
दमा और सांस की बीमारी में लाभ
विशेषज्ञ बताते हैं कि कलौंजी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व फेफड़ों की सूजन कम करने में मदद करते हैं। दमा, एलर्जी और सांस फूलने की समस्या में शहद के साथ कलौंजी का सेवन राहत दे सकता है।

हार्ट और जोड़ों के दर्द में भी कारगर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कलौंजी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम कर दिल की सेहत बेहतर बनाए रखने में मदद करती है। वहीं, गठिया और जोड़ों के दर्द में कलौंजी के तेल से मालिश करने पर सूजन और दर्द में आराम मिल सकता है।
इम्यूनिटी मजबूत करने में मददगार
बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ना आम समस्या है। ऐसे में कलौंजी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकती है। सर्दी, खांसी और वायरल इंफेक्शन से बचाव में भी इसका सेवन उपयोगी माना जाता है।
महिलाओं और स्किन-बालों के लिए फायदेमंद
महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता और हार्मोनल असंतुलन में भी कलौंजी सहायक मानी जाती है। इसके अलावा, कलौंजी का तेल बालों के झड़ने, डैंड्रफ और त्वचा की समस्याओं में भी लाभ देता है।

कैसे करें कलौंजी का सेवन?
सुबह खाली पेट आधा से एक चम्मच कलौंजी
शहद या गुनगुने पानी के साथ
बाहरी इस्तेमाल के लिए कलौंजी के तेल से हल्की मालिश।
डॉक्टरों का कहना है कि कलौंजी औषधीय गुणों से भरपूर है, लेकिन इसे दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। कलौंजी एक सस्ती और आसानी से मिलने वाली प्राकृतिक औषधि है, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं में सहायक हो सकती है। हालांकि, बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है।