12 MARTHURSDAY2026 6:43:36 PM
Nari

क्या बच्चे को अपना जूठा खिलाना चाहिए या नही! जानें सेहत पर क्या पड़ता है असर

  • Edited By Monika,
  • Updated: 12 Mar, 2026 05:18 PM
क्या बच्चे को अपना जूठा खिलाना चाहिए या नही! जानें सेहत पर क्या पड़ता है असर

नारी डेस्क : छोटे बच्चे अक्सर अपने माता-पिता के साथ बैठकर ही खाना खाते हैं। ऐसे में कई बार प्यार में माता-पिता अपने खाने में से थोड़ा सा बच्चे को खिला देते हैं या बच्चे के खाने में से कुछ खाकर उसे वापस दे देते हैं। कई लोगों को लगता है कि ऐसा करने से बच्चे के साथ अपनापन और प्यार बढ़ता है। लेकिन क्या बच्चे को जूठा खिलाना सही है? डॉक्टर के अनुसार, यह आदत बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं मानी जाती। वयस्कों के मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं, जो बड़े लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन छोटे बच्चों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं।

बच्चे को अपना जूठा खिलाना क्यों ठीक नहीं?

डॉक्टर बताते हैं कि जब कोई बड़ा व्यक्ति खाना खाता है तो उसके साथ मुंह का सलाइवा (लार) भी भोजन में मिल जाता है। इस सलाइवा में कई तरह के माइक्रोऑर्गेनिज्म यानी बैक्टीरिया और वायरस मौजूद हो सकते हैं। बड़ों की इम्यूनिटी मजबूत होती है, इसलिए कई बैक्टीरिया और वायरस उन पर ज्यादा असर नहीं करते। लेकिन बच्चों की इम्यूनिटी अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए वही बैक्टीरिया बच्चे के शरीर में जाकर इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।

PunjabKesari

यें भी पढ़ें : रिपोर्ट में हुआ खुलासा: इन दो ब्लड ग्रुप वालों को सबसे ज्यादा Heart Attack का खतरा!

बच्चे को हो सकती हैं ये दिक्कतें

अगर बच्चे को बार-बार जूठा खिलाया जाए तो उसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
सर्दी-जुकाम या गले का इंफेक्शन
पेट से जुड़ी समस्याएं
बैक्टीरियल इंफेक्शन
दांतों से जुड़ी समस्याएं
कई बार माता-पिता को समझ नहीं आता कि बच्चा अचानक बीमार कैसे हो गया, जबकि घर में कोई और बीमार नहीं होता। ऐसे मामलों में एक कारण यह भी हो सकता है कि बच्चे ने किसी बड़े का जूठा खाना खाया हो।

PunjabKesari

यें भी पढ़ें : हार्ट अटैक की असली वजह: मीट-तेल नहीं, बल्कि 5 गलत आदतें जो नाइट्रिक ऑक्साइड घटाती हैं

बच्चों को भी सिखाएं सही आदत

डॉक्टरों के अनुसार, माता-पिता को खुद भी यह आदत छोड़नी चाहिए और बच्चों को भी सिखाना चाहिए कि किसी का जूठा खाना नहीं खाना चाहिए। बच्चे की प्लेट, चम्मच और बोतल अलग होनी चाहिए। इससे क्रॉस कंटेमिनेशन यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बैक्टीरिया या वायरस फैलने का खतरा कम हो जाता है।

PunjabKesari

बच्चे की सेहत के लिए रखें हाइजीन का ध्यान

बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कोशिश करें कि बच्चे को हमेशा ताजा और साफ भोजन दिया जाए और किसी का जूठा खाना उसे न दिया जाए। इससे बच्चे को कई तरह के संक्रमण से बचाया जा सकता है और उसकी इम्यूनिटी भी बेहतर बनी रहती है।
 

Related News