
नारी डेस्क: साउथ सुपरस्टार रामचरण को आज कौन नहीं जनता वो अपने एक्शन मूवीज और बहतरीन किरदार के लिए बेहद ही फेमस हैं , बता दे कि उनका हालिया बयान सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं उनके बच्चे खुलकर मिट्टी में खेलें और गंदे होने से न डरें। उनके इस विचार ने एक बार फिर बच्चों के आउटडोर खेल और मिट्टी से जुड़ी एक्टिविटीज के फायदों पर ध्यान खींचा है। तो चालिए आपको बाते हैं इंटरव्यू में एक्टर ने और क्या कहा।
मिट्टी में खेलना क्यों माना जाता है जरूरी?
अक्सर माता-पिता बच्चों को गंदगी से बचाने के लिए मिट्टी में खेलने से रोक देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत बच्चों के शुरुआती विकास के लिए बेहद जरूरी होती है। मिट्टी के संपर्क में आने से बच्चों का ब्रेन डेवलपमेंट, मोटर स्किल्स और कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है।

साइंस भी मानता है इसके फायदे
वैज्ञानिक रिसर्च भी इस बात की पुष्टि करती है कि मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक सूक्ष्मजीव बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। यह बच्चों के शरीर को कई तरह के संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार करता है। साथ ही, इसे मूड बेहतर करने और तनाव कम करने से भी जोड़ा गया है। जब बच्चे मिट्टी में खेलते हैं, तो वे उसे छूते हैं, खोदते हैं और उससे अलग-अलग आकृतियां बनाते हैं। इस दौरान उनकी स्पर्श, दृष्टि और गंध जैसी इंद्रियां सक्रिय होती हैं। यह सेंसरी एक्सपीरियंस उनके दिमाग के विकास में अहम भूमिका निभाता है और क्रिएटिविटी को भी बढ़ाता है।
मिट्टी में खेलने के 4 बड़े फायदे
इम्यूनिटी होती है मजबूत
मिट्टी में मौजूद अच्छे और प्राकृतिक सूक्ष्मजीव बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। शुरुआती उम्र में यह संपर्क आगे चलकर एलर्जी और कई बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है। मूड बेहतर और तनाव भी कम हो जाता हैं , कुछ प्राकृतिक बैक्टीरिया जैसे Mycobacterium vaccae शरीर में सेरोटोनिन बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे बच्चों का मूड बेहतर रहता है और तनाव कम होता है।

क्रिएटिविटी को मिलता है बढ़ावा
खुली जगह में बिना किसी नियम के खेलना बच्चों की कल्पनाशक्ति को बढ़ाता है। वे नई चीजें बनाना, सोचना और एक्सप्लोर करना सीखते हैं। कुछ जोखिम भी हैं, इसलिए सावधानी जरूरी हालांकि मिट्टी में खेलना फायदेमंद है, लेकिन कुछ मामलों में यह नुकसानदायक भी हो सकता है। गंदी या प्रदूषित मिट्टी में बैक्टीरिया, परजीवी या हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। दूषित मिट्टी से कीड़ों का संक्रमण, पेट की बीमारियां, त्वचा या बैक्टीरियल इंफेक्शन और शहरी क्षेत्रों में जहरीले पदार्थों का संपर्क कुछ जोखिम भी हैं। इसलिए बच्चों को खेलने के बाद हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। गंदी जगहों पर खेलने से बचाना चाहिए और समय-समय पर उनका वैक्सीनेशन भी जरूरी है। अगर बच्चा बार-बार मिट्टी खाने लगे या कमजोरी और पेट दर्द जैसी समस्या दिखे, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।