नारी डेस्क : उत्तराखंड में चल रही पवित्र चारधाम यात्रा को लेकर गंभीर स्वास्थ्य अलर्ट सामने आया है। 19 अप्रैल से शुरू हुई इस यात्रा के मात्र 39 दिनों के भीतर 105 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इनमें 104 मौतें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई हैं, जबकि एक श्रद्धालु की जान प्राकृतिक आपदा में गई है। सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गई हैं।
केदारनाथ में सबसे ज्यादा मौतें
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम में 50 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा बद्रीनाथ में 30, यमुनोत्री में 15 और गंगोत्री में 10 यात्रियों की जान गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केदारनाथ और यमुनोत्री की यात्रा अपेक्षाकृत अधिक कठिन है, जहां ऊंचाई और पैदल चढ़ाई बड़ी चुनौती बनती है।

23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके दर्शन
इस साल अब तक चारधाम यात्रा में 23 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। देशभर से बड़ी संख्या में लोग बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंच रहे हैं। लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
ऊंचाई और मौसम बन रहे बड़ी चुनौती
चारों धाम समुद्र तल से लगभग 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं। यहां ऑक्सीजन की कमी, अचानक बदलता मौसम और कम तापमान यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा देते हैं। ऐसे हालात में शरीर का अनुकूल होना आसान नहीं होता।
मैदानी इलाकों से आने वालों पर ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर यात्री मैदानी क्षेत्रों से आते हैं, जहां गर्म मौसम होता है। अचानक ठंडे और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में पहुंचने से शरीर पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, चक्कर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

दिल के मरीजों के लिए ज्यादा खतरा
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अधिकतर मौतें हार्ट अटैक के कारण हुई हैं। हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह यात्रा अधिक जोखिम भरी हो सकती है। ऊंचाई और ठंड के कारण शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की अपील और एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर आने से पहले मेडिकल जांच जरूर कराएं। गंभीर बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें। साथ ही मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और जरूरी दवाएं अपने साथ रखें।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों ने यात्रियों को सलाह दी है कि
यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं
धीरे-धीरे चढ़ाई करें
पर्याप्त पानी और भोजन लेते रहें
शरीर को ऊंचाई के अनुसार अनुकूल होने दें
किसी भी परेशानी पर तुरंत मेडिकल मदद लें।

आस्था के साथ सुरक्षा भी जरूरी
चारधाम यात्रा आस्था का प्रतीक है, लेकिन यह उतनी ही कठिन भी है। बढ़ती मौतों के आंकड़े यह साफ संकेत देते हैं कि श्रद्धा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन यात्रियों की सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके।