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Monsoon में क्यों बढ़ जाता है बालों का झड़ना? बारिश शुरू होने से पहले कर लीजिए ये काम

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 22 Jun, 2026 10:54 AM
Monsoon में क्यों बढ़ जाता है बालों का झड़ना? बारिश शुरू होने से पहले कर लीजिए ये काम

 नारी डेस्क: गर्मी से राहत दिलाने वाला मानसून का मौसम अपने साथ कई तरह की हेयर प्रॉब्लम्स भी लेकर आता है। जैसे ही बारिश का दौर शुरू होता है, लोगों को बाल झड़ने, स्कैल्प में खुजली, रूसी और फ्रिजी हेयर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दरअसल, हवा में बढ़ी हुई नमी और वातावरण में मौजूद धूल-मिट्टी बालों और स्कैल्प को प्रभावित करती है, जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं और टूटने की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में यदि समय रहते बालों की सही देखभाल शुरू कर दी जाए, तो मानसून में होने वाले हेयर फॉल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

मानसून में बाल ज्यादा क्यों झड़ते हैं

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह नमी स्कैल्प पर अतिरिक्त तेल, पसीना और गंदगी को जमा होने का मौका देती है। जब बालों की जड़ें लंबे समय तक इस स्थिति में रहती हैं, तो वे कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा, स्कैल्प पर बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है, जो बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण बन सकता है।

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स्कैल्प की सफाई का रखें विशेष ध्यान

मानसून के दौरान बालों और स्कैल्प की सफाई बेहद जरूरी हो जाती है। हालांकि कई लोग बाल झड़ने के डर से बार-बार शैंपू करने लगते हैं, लेकिन ऐसा करना भी नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्ताह में दो बार किसी माइल्ड शैंपू से बाल धोना पर्याप्त होता है। इससे स्कैल्प पर जमा गंदगी और अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है, जबकि बालों की प्राकृतिक नमी भी बनी रहती है। बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से सुखाना चाहिए, क्योंकि इस समय बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं।

गीले बाल बांधना पड़ सकता है भारी

अक्सर लोग जल्दीबाजी में बाल धोने के तुरंत बाद उन्हें बांध लेते हैं, लेकिन यह आदत बालों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। गीले बाल सूखे बालों की तुलना में अधिक नाजुक होते हैं और उन पर दबाव पड़ने से वे आसानी से टूट सकते हैं। इतना ही नहीं, लंबे समय तक बालों में नमी बनी रहने से स्कैल्प में फंगल इंफेक्शन होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए कोशिश करें कि बाल पूरी तरह सूख जाने के बाद ही उन्हें बांधें या स्टाइल करें।

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सही कंघी का चुनाव भी है जरूरी

मानसून में बाल अधिक उलझने लगते हैं। ऐसे में कई लोग बालों को तेजी से सुलझाने की कोशिश करते हैं, जिससे टूटने की समस्या और बढ़ जाती है। विशेषज्ञ चौड़े दांतों वाली कंघी इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे बालों पर कम दबाव पड़ता है और वे आसानी से सुलझ जाते हैं। साथ ही, अपनी कंघी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा करने से बचना चाहिए। इससे स्कैल्प संक्रमण, रूसी और जुओं जैसी समस्याओं का खतरा कम रहता है।

ऑयलिंग को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में बालों को अंदर से पोषण देने के लिए नियमित तेल मालिश बेहद फायदेमंद मानी जाती है। सप्ताह में कम से कम एक बार नारियल, बादाम या किसी अच्छे हेयर ऑयल से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए। ऑयलिंग से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे बालों की जड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है और वे मजबूत बनती हैं। तेल लगाने के कुछ घंटों बाद या रातभर छोड़कर अगले दिन बाल धोए जा सकते हैं।

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हीट स्टाइलिंग से बनाएं दूरी

मानसून में बालों में पहले से ही नमी अधिक रहती है, जिसके कारण फ्रिजीनेस बढ़ जाती है। ऐसे में बार-बार स्ट्रेटनर, ब्लो ड्रायर या कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल बालों को और अधिक रूखा और कमजोर बना सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बारिश के मौसम में जहां तक संभव हो, बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें और हीट स्टाइलिंग उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करें। इससे बालों की गुणवत्ता बनी रहती है और टूटने की समस्या भी कम होती है।

थोड़ी सी सावधानी से बच सकते हैं हेयर फॉल से

मानसून में बढ़ी हुई नमी बालों की जड़ों को संवेदनशील बना देती है। ऐसे में बालों की नियमित सफाई, सही कंघी का इस्तेमाल, समय-समय पर ऑयलिंग और हीट स्टाइलिंग से दूरी जैसी छोटी-छोटी आदतें बालों को स्वस्थ बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो बारिश के मौसम में भी बाल मजबूत, चमकदार और स्वस्थ बने रह सकते हैं तथा अत्यधिक हेयर फॉल की समस्या से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।  

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