
नारी डेस्क : हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए Amarnath Yatra पर निकलते हैं। समुद्र तल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचना हमेशा से एक कठिन यात्रा रही है। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि यात्रा मार्ग को और सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
दोनों रूट्स पर हुआ बड़ा सुधार
अमरनाथ यात्रा के दो प्रमुख मार्ग हैं। पहलगाम रूट और बालटाल रूट। पहले इन रास्तों पर कई जगह ट्रैक बेहद संकरा और ऊबड़-खाबड़ था, जिससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस बार गुफा तक जाने वाले ट्रैक को लगभग 12 फीट तक चौड़ा किया गया है। इससे पैदल चलने वाले यात्रियों, टट्टू सेवा लेने वालों और सुरक्षा कर्मियों के लिए यात्रा पहले से ज्यादा आसान हो गई है।
कमजोर जगहों पर लगेंगे क्रैश बैरियर
पहाड़ी इलाकों में कई जगह ऐसे मोड़ और ढलान हैं जहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर हैंड रेलिंग भी लगाई जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को चलने में अतिरिक्त सहारा मिल सके। बता दें की बारिश और बर्फबारी के कारण यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर फिसलन बढ़ जाती है। इस बार ऐसे जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। जिन जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा रहता है, वहां भी पहले से अलर्ट बोर्ड लगाए गए हैं ताकि यात्री सतर्क रह सकें।
रजिस्ट्रेशन के साथ RFID कार्ड जरूरी
इस बार यात्रा के लिए केवल रजिस्ट्रेशन ही नहीं बल्कि RFID कार्ड भी अनिवार्य किया गया है। इस कार्ड की मदद से यात्रियों की लोकेशन और मूवमेंट पर निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
यात्रा पर जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें
यात्रा के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं
ऊंचाई को देखते हुए गर्म कपड़े साथ रखें
आरामदायक ट्रैकिंग शूज पहनें
पानी और जरूरी दवाइयां साथ रखें
मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें।
इन नए बदलावों के बाद Amarnath Yatra पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को अब यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था मिलेगी, जिससे बाबा बर्फानी के दर्शन का अनुभव और भी खास बन जाएगा।