नारी डेस्क: तेज गर्मी में फोड़े-फुंसियां और रैशेज होना एक आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। इन दिनों सबसे ज्यादा बाल तोड़ के मामले सामने आते हैं, जो इंसान इसका शिकार हो चुका है उसे इसका नाम सुनते ही दर्द महसूस होने लगता है। 'बाल तोड़' असल में बालों की जड़ों (हेयर फॉलिकल) में बैक्टीरिया से होने वाला एक इन्फेक्शन है। यह स्किन के सबसे आम बैक्टीरियल इन्फेक्शन में से एक है, और शायद हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इसका सामना करना पड़ता है।

क्या होता है बाल तोड़
बाल तोड़ आमतौर पर तब शुरू होते हैं जब बाल गलती से या जानबूझकर खिंच जाते हैं। ये मवाद (pus) से भरे छोटे से लेकर बड़े दानों या घावों के रूप में दिखाई देता हैं। ज़्यादातर ये पैरों, बगल, कूल्हों और सिर की त्वचा (स्कैल्प) जैसी जगहों पर देखे जाते हैं। हालाकि, ये शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है। ये एक छोटे से फोड़े के रूप में शुरू होता है आकार में बढ़ता है और आखिर में फट जाता हैं, जिससे मवाद बाहर निकलता है। अगर इनका इलाज न किया जाए, तो इन्फेक्शन त्वचा में गहराई तक फैल सकता है और फोड़ा (abscess) बन सकता है। चूकि ये बैक्टीरिया से होने वाला इन्फेक्शन है, इसलिए ये संक्रामक (contagious) होता हैं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
बाल तोड़ होने का कारण
बालों का खिंचना, शेविंग के दौरान कट या खरोंच लगना, तेल की मालिश से रोमछिद्रों (pores) का बंद होना। इन फोड़ों को बढ़ाने वाले कारक (ये सीधे कारण नहीं हैं, लेकिन इनके बढ़ने की वजह बनते हैं) इनमें शामिल हैं:
-गर्म और उमस भरा मौसम
-डायबिटीज (मधुमेह)
-कमज़ोर इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता)
-कुछ खास दवाओं का इस्तेमाल
-साफ़-सफ़ाई की कमी

इन नुस्खों से बालतोड़ से पाएं राहत
हल्दी और एलोवेरा लगाएं: एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर हल्दी में एलोवेरा जेल को मिलाकर बालतोड़ पर लगाने से सूजन से बचा जा सकता है।चुटकी भर हल्दी को एलोवेरा जेल में मिलाकर 10 से 15 मिनट के लिए लगाने से त्वचा को राहत मिलती है।
नीम की पत्तियों का लेप: त्वचा को बैक्टीरिया के प्रभाव से मुक्त करने के लिए नीम के पत्तों को पीसकर उसमें आवश्यकतानुसार पानी मिलाएं और बालतोड़ पर कुछ देर लगाकर छोड़ दें। इससे त्वचा को राहत मिलती है और संक्रमण का प्रभाव कम होने लगता है।
लहसुन की कलियां: एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज से भरपूर लहसुन को छीलकर उसको क्रश कर दें। अब एक गीले कपड़े में बांधकर बॉयल पर 15 से 20 मिनट तक रखें। इससे त्वचा को राहत मिलती है।
कलौंजी का तेल: कलौंजी के तेल को जोजोबा तेल के साथ मिक्स कर प्रभावित जगह पर लगाएं। कुछ समय बाद घाव को साफ कपड़े से पोंछ लें। ऐसा करने से बालतोड़ और उससे होने वाले दर्द से निजात पा सकते हैं।
मेहंदी: मेंहदी में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए एक एंटीपायरेटिक प्रॉपर्टीज के रूप में काम करते हैं। जिससे बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है। अगर बालतोड़ वाली जगह में ज्यादा जलन हो रही है तो मेंहदी को भिगोकर गाढ़ा लेप बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएं।
बाल तोड़ का इलाज
थोड़ी और तुरंत राहत के लिए मरीज़ों को सलाह दी जाती है कि वे दर्द और सूजन कम करने के लिए गर्म सेंक करें। साथ ही, उस जगह को गुनगुने पानी से साफ करने से इन्फेक्शन कंट्रोल में रहता है। फोड़े एक तरह का इन्फेक्शन होते हैं, इसलिए स्किन क्लिनिक में इनका सही इलाज करवाना ज़रूरी है। इनका इलाज खाने वाली और ऊपर से लगाने वाली एंटीबायोटिक्स से किया जाता है। अगर फोड़ा बढ़कर एब्सेस (मवाद वाली गांठ) बन जाता है, तो स्किन क्लिनिक में छोटी सी सर्जरी करके मवाद निकालना ज़रूरी हो जाता है। इन्फेक्शन को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति के कपड़े और बिस्तर की चादरें अलग धोएं। ऐसे टाइट कपड़े न पहनें जिनसे बाल खिंचें या टूटें। साफ-सफाई का ध्यान रखें –खासकर उन जगहों पर जहां ज़्यादा पसीना आता है, जैसे बगल वगैरह।