
नारी डेस्क : बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस रवीना टंडन ने महज 21 साल की उम्र में ऐसा फैसला लिया था, जिसने उस दौर में हर किसी को हैरान कर दिया था। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने अपनी दिवंगत कजिन की दो बेटियों पूजा और छाया को गोद लेकर उनकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। समाज ने सवाल उठाए, शादी को लेकर ताने भी मिले, लेकिन रवीना अपने फैसले से पीछे नहीं हटीं।
कजिन की मौत के बाद बदल गई जिंदगी
साल 1995 में रवीना टंडन अपने करियर में तेजी से आगे बढ़ रही थीं। इसी दौरान उनके परिवार में एक दुखद घटना हुई। उनकी कजिन का निधन हो गया और वह पीछे अपनी दो बेटियां—पूजा और छाया—छोड़ गईं। उस समय पूजा 11 साल की थीं, जबकि छाया महज 8 साल की थीं। रवीना ने बाद में कई इंटरव्यू में बताया कि उन्हें लगता था कि दोनों बच्चियों की परवरिश उस तरह नहीं हो रही थी, जैसी होनी चाहिए थी। रवीना पहले से ही अपनी मां के साथ अनाथालयों और चैरिटी से जुड़े कामों में जाती थीं। बच्चियों की स्थिति देखकर उन्हें लगा कि यह मामला उनके अपने परिवार से जुड़ा है और वह सिर्फ देखते हुए नहीं रह सकतीं।

21 साल की उम्र में उठाई दोनों बेटियों की जिम्मेदारी
रवीना ने परिवार से बात की और दोनों बच्चियों की कानूनी अभिभावक बनने की इच्छा जताई। उनके पिता की अनुमति मिलने के बाद वह दोनों बच्चियों को अपने साथ घर ले आईं। इस तरह महज 21 साल की उम्र में रवीना सिंगल मदर जैसी जिम्मेदारी निभाने लगीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस फैसले के बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचा था। उन्हें बस इतना लगा कि दोनों बच्चियों को बेहतर जिंदगी मिलनी चाहिए।
लोगों ने कहा- ‘अब तुमसे कौन शादी करेगा?’
रवीना के इस फैसले को लेकर समाज के कुछ लोगों ने उन्हें तरह-तरह की बातें सुनाईं। अभिनेत्री ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कुछ लोगों ने उन्हें सलाह दी कि दो बच्चों की जिम्मेदारी के साथ शायद कोई पुरुष उनसे शादी नहीं करना चाहेगा। रवीना ने इन बातों को गंभीरता से लेने के बजाय अपना रुख साफ रखा। उनका कहना था कि अगर कोई उनसे प्यार करता है, तो उसे उनके बच्चों, पालतू जानवरों और उनके पूरे परिवार को भी स्वीकार करना होगा।

शादी के बाद भी बेटियों को नहीं किया अलग
रवीना ने साल 2004 में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर अनिल थडानी से शादी की। शादी के बाद भी पूजा और छाया उनके परिवार का अहम हिस्सा रहीं। रवीना के मुताबिक, अनिल भी दोनों बेटियों के साथ पिता जैसा रिश्ता साझा करते हैं। बाद में रवीना और अनिल के दो बच्चे हुए बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन। यानी जिस फैसले को कभी लोग रवीना के लिए ‘बोझ’ बता रहे थे, वही उनके परिवार की खूबसूरत कहानी का हिस्सा बन गया।
बेटियों ने मां की शादी में निभाई खास भूमिका
रवीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्होंने अनिल थडानी से शादी की, तब उनकी दोनों बेटियां भी शादी में उनके साथ थीं। उन्होंने याद करते हुए कहा था कि उनकी बेटियां उन्हें मंडप तक लेकर गई थीं। बाद में जब छाया की शादी हुई, तो रवीना को अपनी बेटी को शादी के मंडप तक ले जाने का मौका मिला। रवीना ने इसे अपने जीवन के बेहद खास पलों में से एक बताया था।

आज भी बेटियां हैं रवीना की सबसे बड़ी ताकत
समय के साथ पूजा और छाया बड़ी हुईं और अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ीं। रवीना ने कई मौकों पर दोनों को अपनी बेटियां ही बताया है और उनके साथ अपने रिश्ते को बेहद खास माना है। रवीना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि दोनों उनके लिए बेटियों के साथ-साथ उनकी सबसे अच्छी दोस्त और मजबूत सपोर्ट सिस्टम भी हैं।