नारी डेस्क: सुबह उठकर जमीन पर पैर रखते ही एड़ी या पैर के जोड़ में तेज चुभन महसूस होना काफी परेशान करने वाला हो सकता है। कई बार यह दर्द कुछ देर बाद कम हो जाता है, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर जब इसके साथ जोड़ में सूजन, लालिमा या तेज दर्द भी हो। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना और उससे होने वाला गाउट इसका एक कारण हो सकता है। हालांकि, सुबह एड़ी में दर्द होने की वजह सिर्फ यूरिक एसिड ही नहीं होती, इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी है।
क्या होता है गाउट?
हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के मुताबिक, गाउट गठिया का एक प्रकार है, जो शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर हो सकता है। यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने पर इसके क्रिस्टल जोड़ों के आसपास जमा हो सकते हैं। शरीर इन क्रिस्टल के खिलाफ प्रतिक्रिया करता है, जिसके कारण जोड़ में अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट महसूस हो सकती है। गाउट का दर्द अक्सर पैर के अंगूठे के जोड़ में देखा जाता है, लेकिन यह पैरों, टखने और दूसरे जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। कई लोगों में दर्द अचानक शुरू होता है और इतना तेज हो सकता है कि पैर जमीन पर रखना भी मुश्किल लगने लगता है।

आखिर यूरिक एसिड बढ़ता क्यों है?
यूरिक एसिड शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाला एक पदार्थ है। जब शरीर में मौजूद प्यूरीन टूटता है, तो यूरिक एसिड बनता है। सामान्य स्थिति में किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। समस्या तब होती है जब शरीर में यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगे या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए। ऐसी स्थिति में खून में यूरिक एसिड बढ़ सकता है, जिसे हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है।
खानपान भी हो सकता है बड़ी वजह
बहुत ज्यादा प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन गाउट के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा शराब का अधिक सेवन भी यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे शरीर के लिए यूरिक एसिड को बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है। बहुत ज्यादा मीठे पेय और फ्रुक्टोज से भरपूर खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन भी गाउट के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया है।
वजन बढ़ने से भी बढ़ सकता है खतरा
जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, उनमें यूरिक एसिड बढ़ने और गाउट का खतरा अधिक हो सकता है। इसलिए वजन को स्वस्थ सीमा में रखना जरूरी है। अचानक बहुत कम खाना या क्रैश डाइट करना भी सही तरीका नहीं है। वजन कम करने के लिए संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इन लोगों में भी हो सकता है ज्यादा खतरा
गाउट का खतरा केवल खानपान से ही जुड़ा नहीं है। परिवार में किसी को गाउट रहा हो तो इसकी संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी से जुड़ी कुछ समस्याएं भी यूरिक एसिड और गाउट के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। कुछ दवाएं, खासकर पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं यानी डाययूरेटिक्स, कुछ लोगों में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकती हैं। हालांकि, डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
यूरिक एसिड को कंट्रोल रखने के लिए क्या करें?
जीवनशैली में कुछ बदलाव यूरिक एसिड और गाउट के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें। शराब से दूरी बनाएं या डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसका सेवन पूरी तरह बंद करें। बहुत ज्यादा मीठे पेय और फ्रुक्टोज वाले खाद्य पदार्थों से बचें। संतुलित और पौष्टिक आहार लें। नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। पर्याप्त पानी पिएं, खासकर अगर डॉक्टर ने पानी सीमित करने की सलाह न दी हो। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी जैसी समस्याओं को नियंत्रण में रखें। दिल के लिए फायदेमंद DASH आहार भी कुछ लोगों में यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।

बार-बार दर्द हो तो खुद से इलाज न करें
अगर पैर या जोड़ में बार-बार अचानक तेज दर्द, सूजन और लालिमा होती है, तो सिर्फ इसे यूरिक एसिड मानकर घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर खून की जांच और अन्य परीक्षणों से कारण पता कर सकते हैं। अगर गाउट के दौरे बार-बार आते हैं, तो डॉक्टर ऐसी दवाओं की सलाह दे सकते हैं जो लंबे समय में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करती हैं। इसलिए बार-बार होने वाले दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराना बेहतर है।