
नारी डेस्कः बच्चों को कहानियां सुनना हमेशा से ही पसंद रहा है। कभी वे किसी राजकुमार और राजकुमारी की कहानी में खो जाते हैं तो कभी किसी जानवर या जादुई किरदार के रोमांच से जुड़ जाते हैं। खास बात यह है कि कहानियां सिर्फ बच्चों का मनोरंजन ही नहीं करतीं, बल्कि खेल-खेल में उन्हें जिंदगी की कई जरूरी बातें भी सिखा देती हैं। दोस्ती, हिम्मत, दया, सही-गलत की समझ और दूसरों की भावनाओं को समझना जैसी सीख बच्चों के मन पर कहानी के जरिए ज्यादा गहरा असर छोड़ती है।
इसी सोच को ध्यान में रखते हुए लेखिका पूजा नंदा ने बच्चों के लिए एक दिलचस्प और भावनात्मक किताब ‘ड्रैगन'स आइर: एन एडवेंचर इन करेज एंड काइंडनेस’ लिखी है। यह कहानी बच्चों को मंडी नाम के एक गांव की रोमांचक दुनिया में ले जाती है, जहां आइर नाम का एक भयानक ड्रैगन रहता है और उससे गांव के सभी लोग डरे हुए हैं।
आइर गांववालों से खाना मांगता है, आग उगलता है और अपने गुस्से से पूरे गांव में डर का माहौल बना देता है लेकिन कहानी में दो बहादुर बच्चे ऐसे हैं, जो ड्रैगन को सिर्फ उसके डरावने रूप से नहीं देखते। वे यह समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर उसके गुस्से के पीछे क्या छिपा है और वह ऐसा व्यवहार क्यों करता है।

यहीं से शुरू होती है एक ऐसी रोमांचक यात्रा, जो बच्चों को बताती है कि हर डरावनी चीज या गुस्सैल इंसान जरूरी नहीं कि बुरा हो। कई बार किसी के व्यवहार के पीछे ऐसी भावनाएं और परेशानियां छिपी होती हैं, जिन्हें समझने के लिए हमें थोड़ा रुकना और सामने वाले को ध्यान से सुनना पड़ता है। कहानी बच्चों को साहस के साथ-साथ दया, समझ और सहानुभूति की अहमियत भी सिखाती है। उनका यह रोमांचक सफर बच्चों को साहस, दया और सहानुभूति का महत्व समझाता है। कहानी बताती है कि बहादुरी का मतलब हमेशा अपने डर से लड़ना नहीं होता। कई बार असली हिम्मत रुककर किसी को सुनने और उसे समझने की कोशिश करने में होती है।
इस पुस्तक की लेखिका पूजा नंदा मूल रूप से जालंधर पंजाब की रहने वाली और अब सिंगापुर में रहती है। एक मां होने के नाते उनका मानना है कि जीवन की कुछ सबसे महत्वपूर्ण सीख कहानियों के जरिए बच्चों तक आसानी से पहुंचाई जा सकती है। बच्चों, रचनात्मकता और जीवन के अर्थपूर्ण अनुभवों में उनकी रुचि ने उन्हें ऐसी कहानी लिखने के लिए प्रेरित किया, जो सिर्फ रोमांच और साहस की कहानी नहीं है, बल्कि बच्चों को भावनाओं, चुनौतियों और लोगों को अधिक समझदारी और संवेदनशीलता के साथ देखने की सीख भी देती है।