08 OCTTHURSDAY2026 7:31:00 AM
Nari

एक साल बाद दूसरी प्रेग्नेंसी करना कितना सही, जानें शरीर पर क्या पड़ता है इसका असर

  • Edited By Monika,
  • Updated: 07 Oct, 2026 03:41 PM
एक साल बाद दूसरी प्रेग्नेंसी करना कितना सही, जानें शरीर पर क्या पड़ता है इसका असर

नारी डोस्क : पहले बच्चे के जन्म के कुछ ही महीनों बाद जब कपल दूसरे बच्चे की प्लानिंग करने लगता है, तो सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या मां का शरीर दोबारा प्रेग्नेंसी के लिए पूरी तरह तैयार है? खासकर अगर पहली डिलीवरी के ठीक एक साल बाद दूसरी प्रेग्नेंसी ठहर जाए, तो क्या यह सुरक्षित मानी जाती है? इसका जवाब हर महिला के लिए एक जैसा नहीं हो सकता। पहली प्रेग्नेंसी कैसी रही, डिलीवरी सामान्य हुई या सिजेरियन, शरीर में खून की कमी तो नहीं है, मां की उम्र क्या है और पहली डिलीवरी के बाद शरीर कितनी अच्छी तरह रिकवर हुआ है। इन सभी बातों का असर पड़ता है।

क्या एक साल बाद प्रेग्नेंसी करना सुरक्षित है?

एक साल बाद प्रेग्नेंसी होना संभव है, लेकिन इसे हर महिला के लिए सबसे बेहतर अंतर नहीं माना जाता। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO लाइव बर्थ के बाद अगली प्रेग्नेंसी की कोशिश करने से पहले कम से कम 24 महीने का अंतर रखने की सलाह देता है, ताकि मां और बच्चे से जुड़े कुछ स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके। वहीं गायनेकोलॉजिस्ट्स छह महीने से कम अंतर में दोबारा प्रेग्नेंसी से बचने और 18 महीने से पहले गर्भधारण होने की स्थिति में संभावित जोखिम और फायदे पर डॉक्टर से चर्चा करने की सलाह देता है।

PunjabKesari

शरीर को रिकवर होने के लिए समय क्यों चाहिए?

प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। शरीर को पोषण, आयरन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी करने के साथ-साथ गर्भाशय और पेल्विक क्षेत्र को भी रिकवर होने में समय लगता है। अगर पहली प्रेग्नेंसी के दौरान एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोई अन्य समस्या रही हो, तो अगली प्रेग्नेंसी की प्लानिंग से पहले डॉक्टर से जांच कराना और भी जरूरी हो जाता है।

यें भी पढ़ें : ब्रेस्ट कैंसर के छिपे संकेत: सिर्फ गांठ नहीं, इन शुरुआती लक्षणों को भी न करें नजरअंदाज

बहुत कम अंतर होने पर क्या जोखिम बढ़ सकते हैं?

बहुत कम अंतर में होने वाली प्रेग्नेंसी कुछ प्रतिकूल मातृ और शिशु परिणामों के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ी पाई गई है।
इसी वजह से स्वास्थ्य संस्थाएं प्रेग्नेंसी के बीच पर्याप्त अंतर रखने की सलाह देती हैं।
कुछ स्थितियों में कम अंतर के साथ
मां के शरीर को पर्याप्त रिकवरी का समय नहीं मिल पाता।
एनीमिया जैसी पोषण संबंधी समस्याएं बनी रह सकती हैं।
समय से पहले डिलीवरी और कम जन्म वजन जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं।
अगर पिछली डिलीवरी सिजेरियन से हुई थी, तो अगली प्रेग्नेंसी की योजना और डिलीवरी का तरीका डॉक्टर से विशेष रूप से तय करना जरूरी होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि एक साल बाद गर्भधारण होने पर परेशानी निश्चित होगी। जोखिम व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार बदलता है।

PunjabKesari

अगर पहली डिलीवरी सिजेरियन से हुई है तो?

सिजेरियन के बाद अगली प्रेग्नेंसी की टाइमिंग पर खास ध्यान देना चाहिए। पिछले ऑपरेशन से जुड़ी स्थिति, गर्भाशय की रिकवरी और अगली डिलीवरी के विकल्पों को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ सही सलाह दे सकते हैं। अगर पहली डिलीवरी सिजेरियन से हुई है और एक साल के अंदर दोबारा प्रेग्नेंसी ठहर गई है, तो घबराने के बजाय शुरुआत से ही नियमित प्रसवपूर्व जांच कराना जरूरी है।

दूसरी प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले किन चीजों की जांच कराएं?

अगर आप पहले बच्चे के करीब एक साल बाद दूसरा बच्चा प्लान करने की सोच रही हैं तो डॉक्टर से प्री-कन्सेप्शन चेकअप कराना फायदेमंद हो सकता है। इसमें आपकी पिछली प्रेग्नेंसी और डिलीवरी का रिकॉर्ड, ब्लड प्रेशर, वजन, एनीमिया और जरूरत के अनुसार अन्य स्वास्थ्य जांच शामिल हो सकती हैं। साथ ही डॉक्टर से फोलिक एसिड, पोषण, दवाओं और पहले से मौजूद किसी बीमारी के बारे में भी सलाह लेनी चाहिए। WHO गर्भावस्था के दौरान आयरन और फोलिक एसिड सहित जरूरी पोषण संबंधी देखभाल की सलाह देता है।

यें भी पढ़ें : दिमाग की नस फटने से 1 दिन पहले शरीर देता है ये संकेत, लापरवाही सबसे बड़ी गलती

अगर एक साल बाद प्रेग्नेंसी ठहर गई है तो क्या करें?

अगर बच्चे के जन्म के करीब एक साल बाद प्रेग्नेंसी हो गई है, तो केवल अंतर कम होने की वजह से घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और अपनी पिछली डिलीवरी, सिजेरियन की स्थिति, किसी बीमारी और पिछली प्रेग्नेंसी की जटिलताओं के बारे में पूरी जानकारी दें। डॉक्टर आपकी व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर जरूरी जांच और गर्भावस्था की निगरानी की योजना बनाएंगे।

Related News