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हर दिन High Heels पहनने वाली महिलाएं जरूर जान लें, शरीर के इन हिस्सों पर पड़ता है असर

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 17 Oct, 2026 10:48 AM
हर दिन High Heels पहनने वाली महिलाएं जरूर जान लें, शरीर के इन हिस्सों पर पड़ता है असर

नारी डेस्क: हाई हील्स पहनने से लुक में बदलाव आता है और कई महिलाओं को इनमें अपना स्टाइल भी खास लगता है। पार्टी हो, शादी हो या ऑफिस, ऊंची एड़ी के जूते कई लोगों की पहली पसंद होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि इन्हें पहनकर कुछ देर चलने या खड़े रहने के बाद पैरों में दर्द, कमर में खिंचाव या कूल्हों के आसपास थकान महसूस होने लगती है? दरअसल, हाई हील्स का असर केवल पैरों तक सीमित नहीं रहता। इन्हें पहनने से शरीर का संतुलन, चलने का तरीका और मांसपेशियों के काम करने का ढंग भी बदल सकता है। खासकर लंबे समय तक या बार-बार ऊंची हील्स पहनने पर कुछ लोगों को कमर, घुटनों, कूल्हों और टखनों में परेशानी हो सकती है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।

हाई हील्स पहनने पर शरीर का बैलेंस कैसे बदलता है?

जब आप हाई हील्स पहनती हैं, तो एड़ी सामान्य स्थिति से ऊपर उठ जाती है। इससे पैर का प्राकृतिक कोण बदल जाता है और शरीर का वजन पैरों पर अलग तरह से पड़ने लगता है। ऊंची और पतली हील्स में संतुलन बनाए रखना और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि जमीन पर पैर टिकाने का क्षेत्र कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर को सीधा रखने के लिए मांसपेशियों और जोड़ों को लगातार अपना संतुलन बनाना पड़ता है। चलते समय कदमों की लंबाई, पैर रखने का तरीका और टखनों की गतिविधि भी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि हाई हील्स पहनकर चलने में सामान्य जूतों के मुकाबले ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है। अगर आप लंबे समय तक हाई हील्स पहनकर खड़ी रहती हैं या उनमें काफी चलती हैं, तो पैरों में थकान और दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा, असमान सड़क, सीढ़ियों या फिसलन वाली जगह पर टखना मुड़ने और गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है।

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हाई हील्स से रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइन पर क्या असर पड़ता है?

रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर को सहारा देने और सीधे खड़े रहने में अहम भूमिका निभाती है। हाई हील्स पहनने पर एड़ी ऊपर उठने से शरीर की मुद्रा यानी पोश्चर में बदलाव आ सकता है। इस बदलाव के साथ शरीर अपना संतुलन बनाए रखने के लिए घुटनों, कूल्हों और धड़ की स्थिति में भी बदलाव कर सकता है। कुछ लोगों में कमर के निचले हिस्से की प्राकृतिक बनावट और उसके घुमाव पर भी असर पड़ सकता है। रीढ़ के निचले हिस्से के इस घुमाव को लम्बर लॉर्डोसिस कहा जाता है। हालांकि, हाई हील्स पहनने से हर व्यक्ति की रीढ़ में एक जैसा बदलाव नहीं होता। इसका असर हील्स की ऊंचाई, उन्हें कितनी देर पहना जाता है और व्यक्ति की मांसपेशियों की ताकत जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। लंबे समय तक हाई हील्स पहनने के बाद कुछ लोगों को कमर में खिंचाव या अकड़न महसूस हो सकती है। ऐसा शरीर की मुद्रा में बदलाव और मांसपेशियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव के कारण हो सकता है।

क्या हाई हील्स पहनने से कमर दर्द की परेशानी बढ़ सकती है

अगर आप रोजाना कई घंटे हाई हील्स पहनती हैं, तो कमर के निचले हिस्से में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है। इसकी एक संभावित वजह यह है कि ऊंची एड़ी पहनने पर शरीर को संतुलित रखने के लिए मांसपेशियों को सामान्य से अलग तरीके से काम करना पड़ता है। लंबे समय तक खड़े रहने या लगातार चलने से मांसपेशियों में थकान बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से कमर दर्द की शिकायत है, उन्हें हाई हील्स पहनने के बाद परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है। कुछ अध्ययनों में लंबे समय तक हाई हील्स पहनने और मांसपेशियों की गतिविधि में बदलाव के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि हाई हील्स पहनने वाली हर महिला को कमर दर्द होगा। दर्द की वजह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, दिनभर की गतिविधियों और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं पर भी निर्भर करती है।

हाई हील्स का कूल्हों यानी हिप्स पर क्या असर पड़ता है

हाई हील्स पहनने पर शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए कूल्हों के आसपास की मांसपेशियों को भी अपनी गतिविधि में बदलाव करना पड़ सकता है। ये मांसपेशियां चलते समय शरीर को स्थिर रखने और पैरों की गति को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।ऊंची एड़ी पहनने से चलने का तरीका बदल सकता है। ऐसे में कूल्हों और जांघों के आसपास की मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव भी बदल सकता है। लंबे समय तक हील्स पहनने या उनमें ज्यादा चलने के बाद कुछ लोगों को कूल्हों, जांघों या कमर के आसपास थकान और खिंचाव महसूस हो सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हाई हील्स पहनने से हर व्यक्ति के हिप्स को नुकसान पहुंचता है। इसका प्रभाव पहनने की अवधि, हील्स के डिजाइन और व्यक्ति की शारीरिक बनावट पर निर्भर करता है।

घुटनों और टखनों पर भी पड़ सकता है असर

हाई हील्स पहनने से केवल कमर और कूल्हे ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि घुटनों और टखनों की गतिविधि भी बदल सकती है। ऊंची एड़ी में चलते समय पैरों पर पड़ने वाला दबाव सामान्य जूतों से अलग हो सकता है। इससे कुछ स्थितियों में घुटनों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, पतली और ऊंची हील्स में संतुलन बनाए रखना मुश्किल होने के कारण टखना मुड़ने या गिरने की आशंका बढ़ सकती है। खासकर अगर जूते सही फिट के न हों या रास्ता असमान हो, तो चोट लगने का खतरा अधिक हो सकता है।

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हाई हील्स पहनते समय किन बातों का ध्यान रखें

हाई हील्स पहनना पसंद है, तो जरूरी नहीं कि आप इन्हें पूरी तरह छोड़ दें। कुछ सावधानियां अपनाकर असहजता और चोट के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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हील्स की ऊंचाई पर ध्यान दें: बहुत ऊंची हील्स के बजाय ऐसी हील चुनें जिसमें चलना आसान हो और पैर स्थिर रहें।

सही फिट वाले जूते पहनें: जूते न तो बहुत तंग हों और न ही इतने ढीले कि चलते समय पैर बाहर निकलने लगे।

लगातार कई घंटे न पहनें: लंबे समय तक खड़े रहना या चलना हो, तो बीच-बीच में आरामदायक फ्लैट जूते पहन लें।

चलते समय सावधानी रखें: सीढ़ियों, फिसलन वाली जगहों और असमान रास्तों पर ऊंची हील्स पहनकर चलते समय अतिरिक्त ध्यान दें।

पैरों को आराम दें: हील्स उतारने के बाद आराम करें। हल्की स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों के खिंचाव में राहत मिल सकती है, लेकिन दर्द बढ़ने पर व्यायाम करने से बचें।

दर्द को नजरअंदाज न करें: अगर हाई हील्स पहनने के बाद बार-बार कमर, घुटनों या कूल्हों में दर्द होता है, तो कुछ समय के लिए इन्हें पहनना बंद करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

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हाई हील्स से दर्द हो तो डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर जूते उतारने और आराम करने के बाद भी कमर, कूल्हों या घुटनों का दर्द ठीक नहीं होता, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। टखने में तेज दर्द, अधिक सूजन या पैर पर वजन न रख पाने की स्थिति में भी मेडिकल जांच जरूरी है। अगर कमर दर्द के साथ पैरों में कमजोरी, बढ़ती सुन्नता या पेशाब और मल पर नियंत्रण में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

कुल मिलाकर, हाई हील्स फैशन का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन इन्हें पहनते समय आराम और शरीर की जरूरतों को भी महत्व देना चाहिए। ऊंची एड़ी से शरीर का संतुलन और चलने का तरीका बदल सकता है, जिससे कुछ लोगों को कमर, कूल्हों, घुटनों और टखनों में परेशानी हो सकती है। इसलिए हील्स की ऊंचाई, सही फिट और उन्हें पहनने की अवधि का ध्यान रखें। फैशन के साथ सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है।

 

  
 

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