नारी डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त न सिर्फ अपनी दमदार एक्टिंग बल्कि अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के लिए भी जाने जाते हैं। साल 2020 में जब उन्हें स्टेज 4 लंग कैंसर (Stage 4 Lung Cancer) होने का पता चला, तो यह खबर उनके फैंस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। हालांकि, संजय दत्त ने हार मानने के बजाय इस गंभीर बीमारी का डटकर सामना किया और कुछ ही महीनों बाद कैंसर को मात देकर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए। हाल ही में उन्होंने अपनी कैंसर जर्नी और उससे लड़ने के अनुभव साझा किए।
फाइटर बनना पड़ता है, हार मानना विकल्प नहीं
AIG हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी से बातचीत के दौरान संजय दत्त ने बताया कि किसी भी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए सबसे जरूरी चीज सकारात्मक सोच और हिम्मत है। उन्होंने कहा, आपको फाइटर बनना ही पड़ता है। हार मानना कोई विकल्प नहीं है। जिंदगी में चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न आए, उससे भागने के बजाय उसका सामना करना चाहिए। संजय के मुताबिक, बीमारी से डरने की बजाय उसका डटकर मुकाबला करना ही उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता रहा।

मैंने कैंसर को वायरल फ्लू की तरह लिया
संजय दत्त ने बताया कि जब उन्हें स्टेज 4 लंग कैंसर का पता चला तो उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का अंत नहीं माना। उन्होंने कहा, मेरे लिए यह किसी वायरल फ्लू जैसा था। मैंने यही सोचकर इसका इलाज कराया कि यह भी एक बीमारी है, जो ठीक हो जाएगी। उनका मानना है कि बीमारी के प्रति सकारात्मक नजरिया इलाज के दौरान मरीज को मानसिक मजबूती देता है।
कीमोथेरेपी के दौरान भी नहीं खोया हौसला
संजय दत्त ने बताया कि कैंसर के इलाज के दौरान कीमोथेरेपी आसान नहीं होती। इस दौरान बाल झड़ना, कमजोरी और कई तरह की शारीरिक परेशानियां होती हैं, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान मुस्कुराते रहना और खुद पर भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि मानसिक ताकत भी दवाइयों जितनी ही महत्वपूर्ण होती है।
2020 में चला इलाज, कुछ ही महीनों में बने कैंसर फ्री
अगस्त 2020 में संजय दत्त को लंग कैंसर होने का पता चला था। उनका इलाज मुंबई में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में हुआ। इलाज और कीमोथेरेपी के बाद अक्टूबर 2020 में उन्होंने घोषणा की कि वे कैंसर फ्री हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में भी दमदार वापसी की।

क्या होता है Stage 4 Lung Cancer?
लंग कैंसर की स्टेज 4 को सबसे एडवांस स्टेज माना जाता है। इस अवस्था में कैंसर केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। इसे मेटास्टेटिक लंग कैंसर (Metastatic Lung Cancer) कहा जाता है।
इस स्टेज में कैंसर की कोशिकाएं इन अंगों तक फैल सकती हैं
दिमाग (Brain)
हड्डियां (Bones)
लिवर (Liver)
एड्रिनल ग्लैंड्स (Adrenal Glands)
स्टेज 4 Lung Cancer के सामान्य लक्षण
लगातार खांसी बने रहना
खांसते समय खून आना
सांस लेने में तकलीफ होना
आवाज बैठना या बदल जाना
बिना किसी वजह के तेजी से वजन कम होना
भूख कम लगना
हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना
बार-बार फेफड़ों में संक्रमण होना
सिरदर्द या चक्कर आना
हड्डियों में लगातार दर्द होना

ध्यान दें: ये लक्षण कई अन्य बीमारियों में भी हो सकते हैं। यदि इनमें से कोई लक्षण लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।