
नारी डेस्क: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील में तीन बहनों द्वारा एक ही युवक से विवाह करने का चर्चित मामला फर्जी निकला। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। तीन बहनों की एक ही युवक से कथित शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। तीनों बहनों ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश होकर बताया कि पूरा मामला सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया गया था।
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समितियों के अधिकारियों के अनुसार, तीनों बहनें सोमवार को समिति के सामने पेश हुईं और बताया कि वायरल वीडियो केवल सोशल मीडिया सामग्री के लिए बनाया गया था तथा उनका युवक से वास्तविक विवाह नहीं हुआ था। उन्होंने स्वीकार किया कि ऑनलाइन आलोचना का शिकार होने के बाद उन्होंने शादी को वास्तविक बताने का दावा किया था। हालांकि बाद में उन्होंने इस पर खेद जताते हुए समिति के समक्ष माफी मांगी। तीनों बहनों में से एक के नाबालिग होने की जानकारी मिलने के बाद समिति ने तीन दिन पहले मामले पर संज्ञान लिया था। इसके बाद पुलिस को नोटिस जारी कर लड़कियों को समिति के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था।
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पूछताछ के दौरान लड़कियों ने बताया कि उन्होंने वास्तव में उस युवक से शादी नहीं की थी और 17 जुलाई को बनाया गया वीडियो केवल सोशल मीडिया के लिए तैयार किया गया था। अधिकारी ने बयानों को गोपनीय दस्तावेज बताते हुए उनकी प्रतियां साझा करने से इनकार कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद कुछ दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि इससे सनातन परंपराओं तथा धार्मिक मूल्यों का अपमान हुआ है। इससे पहले आलोचनाओं का जवाब देते हुए लड़कियों ने दावा किया था कि वे सभी वयस्क हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से विवाह किया है। मामले के विरोध के बाद पुलिस ने 23 जुलाई को चारों को तलब किया था।