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सोने की कीमतों में गिरावट, अब खरीदारी करें या रुकें? जानें एक्सपर्ट्स की राय

  • Edited By Monika,
  • Updated: 08 Sep, 2026 11:37 AM
सोने की कीमतों में गिरावट, अब खरीदारी करें या रुकें? जानें एक्सपर्ट्स की राय

नारी डेस्क : सोने की कीमतों में हाल के दिनों में नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड करीब 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया, जबकि घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर सोना करीब 1 फीसदी गिरकर 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि मौजूदा स्तर पर सोना खरीदना बेहतर होगा या कुछ समय इंतजार करना चाहिए।

अमेरिकी फेड की बैठक पर टिकी नजर

सोने की कीमतों के लिए आने वाले दिनों में सबसे बड़ा फैक्टर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति हो सकता है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के बाद ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया है। महंगाई अभी भी अमेरिकी फेड के 2 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले महंगाई के आंकड़े और फेड की आगामी पॉलिसी बैठक बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। अगर फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है, तो अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर मजबूत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, फेड के नरम रुख से गोल्ड को दोबारा सपोर्ट मिल सकता है।

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कच्चे तेल की कीमतें भी अहम

सोने के लिए दूसरा बड़ा फैक्टर कच्चे तेल की कीमतें हैं। सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमत करीब 1 फीसदी बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी से महंगाई बढ़ने का दबाव बन सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक महंगाई से बचाव यानी इंफ्लेशन हेज के तौर पर सोने की ओर रुख कर सकते हैं। इससे लंबी अवधि में गोल्ड की मांग को सपोर्ट मिल सकता है।

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अगले कुछ हफ्तों में रह सकता है दबाव

ग्निकवर्क्स रेटिंग्स के रिसर्च हेड राजीव शरण के मुताबिक, आने वाले एक-दो हफ्तों में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है। उनका मानना है कि बाजार के लिए अमेरिकी फेड का रुख सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा। अगर फेड की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं और ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो सोने का आकर्षण कम हो सकता है। हालांकि, अगर फेड का रुख नरम होता है, तो गोल्ड में तेजी लौट सकती है।

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क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

केडिया फिनकॉर्प के फाउंडर नितिन केडिया के मुताबिक, MCX पर अगर सोना करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास मिलता है, तो निवेशक खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। उनका अनुमान है कि साल के अंत तक सोना 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, उनके अनुसार अगर कीमत 1.62 लाख रुपये के ऊपर जाती है तो निवेशकों के लिए कुछ मुनाफावसूली पर विचार करना बेहतर हो सकता है।

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केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे सोने की खरीदारी

लंबी अवधि में सोने के लिए केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर बनी हुई है। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले केंद्रीय बैंकों की सालाना सोने की खरीद जहां करीब 500-600 टन बताई जाती थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 1,000-1,100 टन सालाना के स्तर तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। केंद्रीय बैंकों की यह बढ़ती खरीदारी लंबी अवधि में सोने की मांग को मजबूत कर सकती है।

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निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

सोने में शॉर्ट टर्म निवेश करने वालों को फिलहाल अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, फेड की बैठक, डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखनी चाहिए। इन फैक्टर्स में बदलाव से गोल्ड में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसे फैक्टर सोने को सपोर्ट दे सकते हैं। हालांकि, केवल किसी एक अनुमान के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

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