
नारी डेस्क: छह बार की बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम ने हाल ही में “बिग बॉस 20” के एक फीड में उन लोगों के बारे में बात की जो उनकी सफलता का क्रेडिट लेते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग दावा करते हैं कि उन्होंने “मैरी को बनाया है,” जबकि वे कभी रिंग में नहीं उतरे न ही उन्होंने चोटें झेलीं और न ही ट्रेनिंग की। ऐसे दावों को बेशर्मी बताते हुए मैरी ने साफ कहा कि उनकी उपलब्धियां उनकी अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और त्याग का नतीजा हैं।
'मैग्निफिसेंट मैरी' के नाम से मशहूर मैरी को यह कहते हुए सुना जाएगा- “बहुत से लोगों को लगता है कि उन्होंने मैरी को बनाया है, लेकिन वे कभी रिंग में नहीं उतरे, न ही उन्होंने चोटें झेलीं और न ही ट्रेनिंग की। किसी और के संघर्ष का क्रेडिट लेना बेशर्मी है।” उन्होंने आगे कहा- “मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह मेरी कड़ी मेहनत, लगन और रास्ते में किए गए त्याग की वजह से है।”
इसके अलावा उन्होंने बीते 3 साल से मणिपुर में अशांत हालात का भी जिक्र किया। अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का बहुत दुख है कि अपने राज्य की ‘रक्षा’ नहीं कर पाईं। 43 साल की ओलंपिक बॉक्सर और पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन अपने राज्य, अपने लोगों की सुरक्षा के मामले में 'बेबस' रह गईं। मैरी कॉम एकमात्र ऐसी महिला हैं जिन्होंने छह बार वर्ल्ड एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती है, वे पहली सात वर्ल्ड चैंपियनशिप में से हर एक में मेडल जीतने वाली एकमात्र महिला बॉक्सर हैं, और आठ वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली एकमात्र बॉक्सर (पुरुष या महिला) हैं।