07 AUGFRIDAY2026 3:19:52 AM
Nari

अकेले में रोता था, भगवान से प्रार्थना करता था... जब बेटी को कैंसर होने पर टूट गए थे  Rakesh Roshan

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 06 Aug, 2026 07:39 PM
अकेले में रोता था, भगवान से प्रार्थना करता था... जब बेटी को कैंसर होने पर टूट गए थे  Rakesh Roshan

नारी डेस्क:  अनुभवी फिल्ममेकर राकेश रोशन उस मुश्किल दौर को याद करते हुए भावुक हो गए जब उनकी बेटी सुनैना रोशन कैंसर, फैटी लिवर और सेहत से जुड़ी दूसरी चुनौतियों से जूझ रही थीं। एक्टर ने बताया कि वे अक्सर अकेले में टूट जाते थे, लेकिन उनके सामने हमेशा हिम्मत बनाए रखते थे। सुनैना के साथ दिल से की गई बातचीत में - जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया - पिता-बेटी की जोड़ी ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे उन्होंने अपनी ज़िंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुज़रते हुए एक-दूसरे से हिम्मत जुटाई।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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जब सुनैना ने पूछा- "मुझे नहीं लगता कि मैंने आपसे पहले कभी यह पूछा है। जब मेरी सेहत सबसे खराब थी, तो एक पिता के तौर पर आपके मन में क्या चल रहा था?" राकेश ने माना कि यह बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने कहा- "ऐसा एक बार नहीं, कई बार हुआ। मैं चुपचाप प्रार्थना करता था। कभी-कभी मेरी आंखों में आंसू भी होते थे, लेकिन जब मैं तुमसे मिलने आता था, तो मेरा अंदाज़ अलग होता था। मैं हमेशा मुस्कुराता रहता था और तुम्हें हिम्मत देता था।" अपने पिता की बातों का जवाब देते हुए सुनैना ने बताया कि उनके सब्र और हिम्मत ने उन्हें भी मुश्किल चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी।


उन्होंने बताया, "मुझे लगता है कि मैंने आपसे ही यह मज़बूत सोच पाई है कि हर चीज़ का सामना कैसे करना है। और मुझे लगता है कि जब आपको कैंसर था, तो मैंने भी वही किया। मैं बहुत हिम्मत दिखाती थी और आपके सामने मुस्कुराती थी। लेकिन अपने कमरे में मैं खूब रोती थी। मुझे याद है कि कुछ दिन ऐसे भी थे जब मैं आईने के सामने जाती थी, खुद-ब-खुद हंसने लगती थी और फिर आकर आपका सामना करती थी। मुझे लगता है कि मैंने आपको यह बात पहले कभी नहीं बताई। यह पहली बार है जब मैं आपको यह बता रही हूं।" उनकी इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए राकेश ने कहा कि किसी अपने की बीमारी के दौरान पॉज़िटिव नज़रिया बनाए रखने से अक्सर उन्हें लड़ते रहने की हिम्मत मिलती है। उन्होंने कहा, "अच्छी बात है, यही सही तरीका है क्योंकि जब परिवार का कोई सदस्य, उनके बच्चे या परिवार का कोई बहुत करीबी व्यक्ति सेहत के मामले में ठीक नहीं होता, तो बुरा तो लगता ही है। लेकिन पॉज़िटिव सोच रखने, उनके सामने मुस्कुराने और उस समय उन्हें हिम्मत देने से हमेशा अच्छा नतीजा मिलता है।"

सुनायना ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा- "लेकिन असल में वह हिम्मत आपके अंदर से ही आनी चाहिए। हां मैं इसका सामना करूंगी। हां मैं इससे उबर जाऊंगी।" जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि सुनायना ने पिछले कुछ सालों में अपनी सेहत से जुड़ी मुश्किलों के बारे में खुलकर बात की है। 2007 में उन्हें सर्वाइकल कैंसर का पता चला था और उन्होंने सफलतापूर्वक इस बीमारी को मात दी थी। उन्होंने फैटी लिवर की बीमारी से लड़ने और सेहत से जुड़ी दूसरी मुश्किलों का सामना करने के बारे में भी खुलकर बात की है।  बता दें कि राकेश रोशन ने भी कैंसर से अपनी लड़ाई लड़ी थी। 2018 में उन्हें गले के शुरुआती स्टेज के स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का पता चला था। उनकी सर्जरी हुई और वे सफलतापूर्वक ठीक हो गए।

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