नारी डेस्क: काजल आंखों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मेकअप प्रोडक्ट्स में से एक है। कई महिलाएं और लड़कियां बिना काजल लगाए अपना मेकअप अधूरा मानती हैं। लेकिन अगर काजल लगाने का तरीका सही न हो, तो यही आदत आंखों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। खासकर रोजाना काजल लगाने वाली महिलाओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आंखों की वॉटर लाइन पर नियमित रूप से काजल लगाने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि यह आदत लंबे समय में आंखों की ग्रंथियों को प्रभावित कर सकती है और कुछ मामलों में इलाज या सर्जरी की नौबत भी आ सकती है।
क्या होती हैं मीबोमियन ग्रंथियां और क्यों हैं इतनी जरूरी
हमारी पलकों के किनारों पर छोटी-छोटी तेल बनाने वाली ग्रंथियां होती हैं, जिन्हें मीबोमियन ग्रंथियां (Meibomian Glands) कहा जाता है। इनका काम एक विशेष प्रकार का प्राकृतिक ऑयल बनाना होता है, जो आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करता है। यह ऑयल आंसुओं को जल्दी सूखने से रोकता है और आंखों को सूखापन, जलन और रगड़ से बचाने का काम करता है। यदि ये ग्रंथियां सही तरीके से काम न करें, तो आंखों की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।

वॉटर लाइन पर काजल लगाने से कैसे बढ़ता है खतरा
जब काजल को आंखों की वॉटर लाइन पर लगाया जाता है, तो इसके महीन कण मीबोमियन ग्रंथियों के छोटे-छोटे छिद्रों को बंद कर सकते हैं। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो इन ग्रंथियों में वैक्स, ऑयल और गंदगी जमा होने लगती है। इस वजह से ग्रंथियों से निकलने वाला प्राकृतिक ऑयल बाहर नहीं आ पाता और आंखों की नमी का संतुलन बिगड़ने लगता है। धीरे-धीरे यह स्थिति आंखों में सूखापन, जलन और अन्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
स्टाई का खतरा बढ़ सकता है
अगर काजल लगाकर उसे रातभर आंखों में ही छोड़ दिया जाए या ठीक से साफ न किया जाए, तो बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इससे स्टाई (Stye) हो सकती है। स्टाई पलकों के बालों की जड़ों या ऑयल ग्रंथियों में होने वाला एक बैक्टीरियल संक्रमण है। इसमें आंख की पलक पर दर्द वाली लाल सूजन या फुंसी जैसी गांठ बन जाती है, जिससे असहजता और दर्द महसूस हो सकता है।
कैलाजियन की समस्या भी हो सकती है
जब मीबोमियन ग्रंथियां लंबे समय तक बंद रहती हैं, तो उनके अंदर जमा ऑयल बाहर नहीं निकल पाता। इससे पलक पर बिना दर्द वाली सूजन या गांठ बनने लगती है, जिसे कैलाजियन (Chalazion) कहा जाता है। कई मामलों में यह गांठ अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन यदि यह बड़ी हो जाए या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर की सलाह और कुछ स्थितियों में छोटी सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
अगर आप नियमित रूप से काजल या आई मेकअप करती हैं, तो आंखों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। हर रात सोने से पहले आंखों का पूरा मेकअप अच्छी तरह साफ करें। काजल को लंबे समय तक आंखों में लगाए रखने से बचें। जहां तक संभव हो, आंखों की वॉटर लाइन पर काजल लगाने से परहेज करें। अपने आई मेकअप प्रोडक्ट्स को हर 3 से 6 महीने में बदल दें, ताकि बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा कम रहे। अपना काजल, आईलाइनर या अन्य आई मेकअप प्रोडक्ट किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।

क्या रोज काजल लगाना पूरी तरह गलत है
विशेषज्ञों का कहना है कि काजल लगाना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है। समस्या तब होती है जब इसे गलत तरीके से लगाया जाए, लंबे समय तक आंखों में छोड़ दिया जाए या साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए। सही गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल, नियमित सफाई और सही तरीके से मेकअप करने की आदत अपनाकर आंखों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यदि आंखों में लगातार जलन, सूजन, दर्द, लालिमा या कोई अन्य समस्या महसूस हो, तो स्वयं इलाज करने के बजाय नेत्र रोग विशेषज्ञ (Eye Specialist) से सलाह अवश्य लें।