01 SEPTUESDAY2026 3:15:26 AM
Nari

WHO की चेतावनी, High Blood Pressure और Kidney मरीज इस सफेद चीज से दूर रहें

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 26 Aug, 2026 07:11 PM
WHO की चेतावनी, High Blood Pressure और Kidney मरीज इस सफेद चीज से दूर रहें

नारी डेस्क:  किसी भी चीज का जरूरत से ज़्यादा सेवन आम तौर पर हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। यह बात नमक पर भी लागू होती है, इसके ज़्यादा सेवन से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ सकता है और कई तरह की तकलीफें हो सकती हैं। नेफ्रोलॉजिस्ट ने इसके असर के बारे में बताया और रोजाना कितना नमक लेना सही यह भी बताया है और किन्हें इसके ज़्यादा सेवन को लेकर खास तौर पर सावधान रहना चाहिए।


ज़्यादा नमक खाने के लक्षण

 HT लाइफस्टाइल के साथ बातचीत में  नेफ्रोलॉजिस्ट ने बताया कि  बहुत ज़्यादा नमक खाने से कई साफ़ लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे- पेशाब बनने की मात्रा में भारी कमी, नई सूजन आना, पेशाब में खून आना, सांस लेने में ज़्यादा तकलीफ़ होना, कंफ्यूजन या उलझन शुरू होना, लगातार उल्टी होना।  नेफ्रोलॉजिस्ट ने बताया कि जो मरीज निगरानी में हैं, उनमें ज़्यादा नमक खाने से क्रिएटिनिन लेवल बढ़ना, इलेक्ट्रोलाइट लेवल में उतार-चढ़ाव और पेशाब की मात्रा में बदलाव जैसे लक्षण दिख सकते हैं।


रोजाना कितना नमक खाना चाहिए?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) की सलाह है कि एक वयस्क को दिन में 5 ग्राम से कम नमक खाना चाहिए। यह मात्रा लगभग एक चाय के चम्मच के बराबर होती है और इसमें खाने की सभी चीज़ों से मिलने वाला नमक शामिल है। इस मात्रा में खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला नमक और साथ ही पैक्ड फ़ूड या रेस्टोरेंट और फ़ूड कंपनियों द्वारा तैयार खाने में मौजूद सोडियम भी शामिल है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा- "चुनौती यह है कि इंसान जो सोडियम लेता है, उसका ज़्यादातर हिस्सा ऐसी चीजों से आता है जिनका स्वाद नमकीन नहीं होता। उदाहरण के लिए, अचार, पापड़, पैक्ड स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स और ऐसी ही कई अन्य चीज़ों में सोडियम की भारी मात्रा हो सकती है।"


इन लोगों को सावधान रहने की जरूरत

डॉक्टर के अनुसार  जिन लोगों को क्रोनिक किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर है या जिन्हें पहले किडनी स्टोन की समस्या रही है, उन्हें सोडियम का सेवन ज़्यादा सावधानी से सीमित करने की ज़रूरत हो सकती है। इसकी सही मात्रा व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं और किडनी के काम करने की क्षमता पर निर्भर कर सकती है। नेफ्रोलॉजिस्ट ने कहा-  "नमक कम करने का मतलब यह नहीं है कि आपके खाने का स्वाद ही खत्म हो जाए। ताज़ी जड़ी-बूटियां, मसाले, नींबू का रस, लहसुन और दूसरे फ्लेवर नमक की मात्रा कम करने में मदद करेंगे। लेबल पढ़ना और ताज़ी चीज़ें चुनना भी बहुत मददगार हो सकता है।" सही मात्रा में सोडियम खतरनाक नहीं होता, लेकिन लगातार ज़्यादा सोडियम लेने से हाई ब्लड प्रेशर और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए, जिन्हें पहले से ही किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा है, उनके लिए सोडियम की मात्रा को सीमित रखना ज़रूरी है।

Related News