नारी डेस्कः कुछ लोगों के पैरों के तलवे पर गोल-गोल छेद जैसी काले निशान हो जाते हैं जिसे फुट कॉर्न कहा जाता है। स्किन पर होने वाली ये प्रॉब्लम चलने फिरने में बहुत दिक्कत देती है लेकिन ये होती कैसे है और इसे ठीक कैसे किया जा सकता है इस बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है लेकिन इससे पहले आपको समझना पड़ेगा कि पैरों में होने वाले ये फुट कॉर्न (Foot Corn) है क्या और इससे बचाव कैसे हो सकता है।
फुट कॉर्न क्या है?
पैरों में होने वाला फुट कॉर्न (Foot Corn) त्वचा की एक प्राकृतिक सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया है। जब पैर की त्वचा पर लंबे समय तक लगातार दबाव या घर्षण होता है तो शरीर उस हिस्से को बचाने के लिए मृत त्वचा कोशिकाओं की मोटी और सख्त परत बना लेता है। यही परत धीरे-धीरे कॉर्न का रूप ले सकती है। यह आमतौर पर पैर की उंगलियों, उंगलियों के बीच या तलवों के उन हिस्सों में बनता है, जहां जूते या शरीर का वजन लगातार दबाव डालता है।

पैरों में फुट कॉर्न होने के मुख्य कारण
तंग जूते पहननाः बहुत टाइट, नुकीले या ऊंची एड़ी वाले जूते पैर की उंगलियों और तलवों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। लगातार दबाव और घर्षण के कारण उस जगह की त्वचा मोटी होकर कॉर्न का रूप ले सकती है।
बिना मोजे के जूते पहननाः बिना मोजे के जूते पहनने पर पैर और जूते के बीच सीधा घर्षण बढ़ सकता है। इससे त्वचा पर बार-बार रगड़ पड़ती है और कॉर्न बनने की संभावना बढ़ सकती है।
लंबे समय तक खड़े रहना या चलनाः जिन लोगों को लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता है या रोजाना ज्यादा चलना पड़ता है, उनके पैरों पर लगातार दबाव पड़ सकता है। यह भी फुट कॉर्न का एक कारण बन सकता है।
पैरों की बनावटः कुछ लोगों के पैरों की हड्डियों या उंगलियों की बनावट ऐसी होती है कि जूते पहनने पर किसी खास हिस्से पर ज्यादा दबाव पड़ता है। हैमर टो जैसी समस्या में भी कॉर्न बनने का खतरा बढ़ सकता है।
नंगे पैर ज्यादा चलनाः नंगे पैर चलने से पैरों के तलवों पर सीधे जमीन का दबाव और घर्षण पड़ता है। लगातार ऐसा होने पर त्वचा मोटी और सख्त हो सकती है।
फुट कॉर्न के लक्षण
फुट कॉर्न को पहचानना आमतौर पर मुश्किल नहीं होता। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
त्वचा पर गोल या अंडाकार सख्त हिस्सा बनना
प्रभावित जगह की त्वचा का मोटा होना
चलने या दबाव पड़ने पर दर्द या संवेदनशीलता
पैर की उंगलियों के बीच नरम कॉर्न बनना
प्रभावित हिस्से में जलन या असहजता

ध्यान रखें कि कॉर्न और कैलस (Callus) एक जैसी चीजें नहीं हैं। कॉर्न आमतौर पर छोटा, ज्यादा स्पष्ट और दबाव पड़ने पर दर्दनाक हो सकता है, जबकि कैलस त्वचा का अपेक्षाकृत बड़ा और फैला हुआ मोटा हिस्सा होता है।
फुट कॉर्न से बचने के लिए क्या करें?
सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
बहुत टाइट या नुकीले जूतों से बचें।
जरूरत के अनुसार आरामदायक कॉटन मोजे पहनें।
लंबे समय तक एक ही तरह के जूते पहनने से बचें।
पैरों को साफ और सूखा रखें।
ऐसे फुटवियर चुनें जिनमें उंगलियों को पर्याप्त जगह मिले।
यदि पैरों पर लगातार दबाव पड़ता है तो डॉक्टर की सलाह से कुशन या इनसोल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या फुट कॉर्न को खुद काटना सही है?
फुट कॉर्न को ब्लेड, कैंची या किसी नुकीली चीज से खुद काटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से त्वचा कट सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर डायबिटीज, पैरों में संवेदना कम होने या ब्लड सर्कुलेशन की समस्या वाले लोगों को कॉर्न का खुद इलाज करने से बचना चाहिए।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर कॉर्न में लगातार दर्द हो, चलने में परेशानी हो, उसमें लालपन या सूजन दिखाई दे, घाव बन जाए या समस्या बार-बार वापस आती रहे, तो डॉक्टर या फुट स्पेशलिस्ट से जांच करवाना बेहतर है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार मोटी त्वचा को सुरक्षित तरीके से हटा सकते हैं और कॉर्न बनने की वजह, जैसे गलत फुटवियर या पैर की बनावट, का समाधान बता सकते हैं।
ये बातें याद रखें
फुट कॉर्न आमतौर पर पैर पर बार-बार पड़ने वाले दबाव और घर्षण के कारण बनता है। सही आकार के आरामदायक जूते पहनना, पैरों को साफ-सूखा रखना और लगातार दबाव से बचना इसके खतरे को कम कर सकता है। अगर कॉर्न दर्दनाक है या बार-बार हो रहा है, तो घरेलू तरीके से इसे काटने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।