
नारी डेस्क: रोजमर्रा की ज़िंदगी में छोटे-छोटे बदलाव आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकते हैं। हालांकि बदलाव रातों रात नहीं होते, धीरे-धीरे इन्हें अपनाने से आप एक हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपना सकते हैं। हाल ही में एक न्यूरोलॉजिस्ट ने वीडियो शेयर कर कुछ आसान बदलाव बताए हैं जिन्हें आप घर पर अपनाकर धीरे-धीरे हेल्दी आदतें बना सकते हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
केचप की जगह धनिया की चटनी लें
डॉक्टर कहते हैं कि बोतल बंद केचप के बजाय घर पर बनी धनिया की चटनी अच्छा विकल्प है।ताज़ी चटनी आमतौर पर कम प्रोसेस्ड होती है और इसे बिना प्रिजर्वेटिव्स के बनाया जा सकता है। वहीं पैक्ड या ताज़े छने हुए जूस के बजाय साबुत फल चुनें। साबुत फलों से फाइबर मिलता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करने में मदद करता है और आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है।
मैदे की ब्रेड की जगह चपाती
रिफाइंड आटे से बनी चीज़ों की जगह साबुत अनाज वाले विकल्प अपनाए जा सकते हैं। चपाती में मोटे अनाज (मिलेट्स) भी मिला सकते हैं। चपाती में मोटे अनाज मिलाने से उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू भी बढ़ सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि रेगुलर मीठी चीज़ें खाने के बजाय हेल्दी विकल्प लें। मीठी चीज़ों की जगह गुड़ खाएँ। गुड़ और चीनी में ज़्यादा फ़र्क नहीं होता। आप घर पर कम फ़ैट और कम चीनी वाली खीर बना सकती हैं। हालांकि गुड़ को अक्सर ज़्यादा नैचुरल माना जाता है, लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि इसे भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
एल्युमीनियम के बर्तन बदलें
किचन के बर्तन भी मायने रखते हैं। एल्युमीनियम के बर्तनों की जगह स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन के बर्तन इस्तेमाल करें। इसलिए अपने बर्तन भी बदलें। डॉक्टर डॉ. सहरावत सुरक्षित स्टोरेज ऑप्शन अपनाने की सलाह देते हैं। प्लास्टिक की पानी की बोतलों की जगह कांच की बोतलें या स्टील के कंटेनर इस्तेमाल करें। बिस्कुट और नमकीन पैकेट की जगह पनीर सलाद, स्प्राउट सलाद, नट्स और सीड्स, अखरोट, बादाम और कद्दू के बीज इस्तेमाल करें।" इन चीज़ों से प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर मिलता है।