
नारी डेस्क: अधिकारियों ने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO सचिन कुमार वैश्य ने मंगलवार को आने वाले शारदीय नवरात्रि त्योहार की तैयारियों की समीक्षा की। यह त्योहार 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगा। वैश्य ने पवित्र मंदिर और कटरा बेस कैंप में तीर्थयात्रियों की संभावित भीड़ के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए यहां श्राइन बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित लोगों के साथ बैठक की।
भीड़ को कंट्रोल करने पर जोर
CEO ने नवरात्रि के दौरान सुचारू और परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देशों के अनुसार, उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों, जिसमें आग बुझाने की व्यवस्था और मॉक ड्रिल शामिल हैं, पर जोर दिया। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के कर्मियों को संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने और भीड़-प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए श्राइन बोर्ड की आपदा प्रबंधन टास्क फोर्स के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि नियमित सार्वजनिक घोषणाओं, संयुक्त निगरानी, भीड़ को कम करने और तय होल्डिंग एरिया बनाने पर भी जोर दिया गया।
हर तीर्थयात्री के पास होगा RFID कार्ड
CEO ने अधिकारियों को सभी सेक्टरों में जरूरी बचाव उपकरण तैयार रखने और बेहतर तालमेल के लिए वायरलेस सेट और बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से संचार नेटवर्क को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने यात्रा के दौरान रियल-टाइम निगरानी, तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। वैश्य ने दोहराया कि यात्रा करने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के पास वैध RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन और निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मचारियों के साथ-साथ प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त हैंडहेल्ड RFID स्कैनर तैनात किए जाएंगे।
पिट्ठू और टट्टू संचालकों पर भी रहेगी नजर
बैठक में, गलत पहचान (impersonation) को रोकने के लिए पिट्ठू और टट्टू संचालकों के सत्यापन को मजबूत करने के उपायों की समीक्षा की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रा मार्ग पर केवल विधिवत पंजीकृत सेवा प्रदाता ही काम करें। उन्होंने बताया कि कटरा में साफ़-सफ़ाई, पीने के पानी की सुविधा और अंधेरी जगहों पर रोशनी की व्यवस्था का भी जायज़ा लिया गया। साथ ही, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और आसानी से आवाजाही के लिए ज़रूरी सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।