नारी डेस्क: आज कल आंखों की समस्या आम हो गई है, जिसका इलाज ज्यादातर लोग घर में ही ढूंढने की कोशिश करते हैं। जैसे कि घर पर खुद आई ड्रॉप्स बनाने में फ़ायदे से ज़्यादा जोखिम हो सकते हैं। हो सकता है कि आप आई ड्रॉप्स के तौर पर तेलों में ज़्यादा दिलचस्पी रखते हों क्योंकि वे ज़्यादा लुब्रिकेशन और लंबे समय तक असर देते हैं। एक स्टडी में पाया गया कि तेल-पानी का इमल्शन सॉल्यूशन-बेस्ड आई ड्रॉप्स की तुलना में ज़्यादा असरदार था। लेकिन सूखी आंखों के लिए तेलों का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपाय आगे चलकर नुकसान दे सकते हैं।
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इन चीजों से बचकर रहें
एक पायलट स्टडी में पाया गया कि एलर्गन (Allergan) का कैस्टर ऑयल आई इमल्शन कम से कम चार घंटे तक ज़्यादा स्थिर टियर फिल्म बनाने में असरदार था। एलर्गन ने अमेरिका में इस प्रोडक्ट को बनाना बंद कर दिया है।
नारियल का तेल: इस सामग्री से जुड़े अभी तक कोई ह्यूमन ट्रायल नहीं हुए हैं। खरगोशों पर की गई एक स्टडी से पता चलता है कि वर्जिन नारियल का तेल इंसानों के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है, लेकिन पारंपरिक आई ड्रॉप्स और सलाइन की तुलना में इसका कोई खास फायदा नहीं है। इसके अलावा, नारियल का तेल दूषित हो सकता है।
ओमेगा-3 और ओमेगा-6: इनके लिए कोई ह्यूमन ट्रायल नहीं किया गया है। 2008 की एक सेल स्टडी से पता चलता है कि टॉपिकल एप्लीकेशन (ऊपर से लगाने) के लिए इनके फायदों पर और रिसर्च की ज़रूरत है।
कैमोमाइल चाय: 1990 की एक स्टडी में यह निष्कर्ष निकला कि कैमोमाइल चाय से आंख धोने पर एलर्जी और सूजन हो सकती है। संक्रमण (contamination) के जोखिम की वजह से चाय से आँखें धोने से बचना ही बेहतर है।
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सुरक्षित घरेलू उपाय
आंखों की जलन का इलाज करने के कई प्राकृतिक तरीके हैं। चाहे आपकी आंखें गुलाबी, लाल, सूखी या सूजी हुई हों और आप उनसे राहत पाना चाहते हों, यहां कुछ घरेलू उपाय दिए गए हैं जिनसे आँसू बनने में मदद मिल सकती है।
गर्म सिकाई (Warm compress): सूखी आँखों वाले लोगों के लिए गर्म सिकाई एक असरदार तरीका है। एक स्टडी में पाया गया कि सिकाई से पलकों को गर्म करने पर टियर फ़िल्म (आंसू की परत) और उसकी मोटाई बढ़ जाती है।
आंखों के आस-पास तेल: अगर आप किसी खास तेल के फ़ायदों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आप अपनी आंखों के आस-पास वह तेल लगा सकते हैं और फिर एक-दो मिनट के लिए अपने चेहरे पर गर्म तौलिया रख सकते हैं। तेल को आंखों के बहुत पास न लगाएं, वरना वह आपकी आँख में जा सकता है।
टी बैग्स: हालांकि डॉक्टर चाय से आंखें धोने की सलाह नहीं देते, लेकिन आप टी बैग्स का इस्तेमाल ठंडी सिकाई के लिए कर सकते हैं। गीला, ठंडा टी बैग आपकी आंखों को आराम दे सकता है। ब्लैक टी से सूजन भी कम हो सकती है। साफ-सफाई के लिए अपनी आंखें बंद रखें और टी बैग और अपनी आंखों के बीच एक साफ़ कपड़ा रखें।
पलकें झपकाना और मसाज: अगर आंखों पर ज़ोर पड़ने (eyestrain) की वजह से आपकी आँखें सूखी रहती हैं, तो बार-बार पलकें झपकाने की कोशिश करें या हर 15 मिनट में कंप्यूटर से दूर हटने के लिए टाइमर लगाएं। आप अपनी टियर ग्लैंड्स (आंसू बनाने वाली ग्रंथियों) को सक्रिय करने के लिए आंखों की हल्की मसाज भी कर सकते हैं। जल्दी राहत के लिए, ज़्यादा आंसू लाने के लिए उबासी लेने की कोशिश करें।
खान-पान से बचाव: आप सूखी आंखों के लिए खास सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। एक स्टडी में यह नतीजा निकला कि ओमेगा-3 फैटी एसिड सप्लीमेंट्स सूखी आंखों के लिए फ़ायदेमंद हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें ब्लेफेराइटिस (पलकों की सूजन) या मेइबोमियन ग्लैंड की बीमारी है।