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प्रियंका चोपड़ा रोज पीती हैं साउथ इंडियन स्टाइल छाछ, जानें फायदे

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 14 Oct, 2026 02:43 PM
प्रियंका चोपड़ा रोज पीती हैं साउथ इंडियन स्टाइल छाछ, जानें फायदे

नारी डेस्क: प्रियंका चोपड़ा जोनस अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं प्रियंका इन दिनों एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ की शूटिंग के लिए हैदराबाद में हैं। हाल ही में उन्होंने YouTube पर ‘मिथिकल किचन’ पॉडकास्ट में बताया कि उन्हें महाराष्ट्र की छाछ और साउथ इंडियन स्टाइल बटरमिल्क काफी पसंद है। वह इसे लगभग रोज अपनी डाइट में शामिल करती हैं। छाछ भारतीय खानपान का अहम हिस्सा रही है। खासकर गर्मियों में लोग इसे खूब पीते हैं, लेकिन इसके फायदे सिर्फ गर्म मौसम तक सीमित नहीं हैं। सही तरीके से तैयार की गई छाछ शरीर में पानी की कमी पूरी करने, पाचन को सपोर्ट करने और जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकती है। दक्षिण भारतीय स्टाइल की छाछ में करी पत्ता, अदरक, हींग और भुना जीरा जैसी चीजें मिलाई जाती हैं, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है।

आइए जानते हैं कि रोज छाछ पीने से सेहत को क्या फायदे मिल सकते हैं और इसका सेवन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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पाचन को बेहतर बनाने में मदद

खाने के साथ या बाद में छाछ पीना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। इसमें मौजूद पोषक तत्व पाचन को सपोर्ट कर सकते हैं। पारंपरिक तरीके से तैयार की गई छाछ में कुछ लाभकारी बैक्टीरिया भी हो सकते हैं, हालांकि उनकी मात्रा इसे बनाने और स्टोर करने के तरीके पर निर्भर करती है। साउथ इंडियन स्टाइल छाछ में अदरक, करी पत्ता और हींग मिलाई जाती है। ये सामग्री कुछ लोगों को गैस और पेट फूलने जैसी परेशानियों से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, छाछ हर तरह की पाचन संबंधी समस्या का इलाज नहीं है।

शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार

छाछ में पानी की अच्छी मात्रा होती है। इसमें पोटैशियम जैसे कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी हैं। गर्मी में पसीना आने या लंबे समय तक बाहर रहने के बाद छाछ पीना तरल पदार्थों की पूर्ति में मदद कर सकता है। हालांकि, बहुत ज्यादा पसीना निकलने या शरीर में पानी की गंभीर कमी होने पर केवल छाछ पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में जरूरत के अनुसार उचित तरल पदार्थ लेना जरूरी है।

हड्डियों के लिए फायदेमंद

छाछ दूध से तैयार की जाती है, इसलिए इसमें कैल्शियम पाया जा सकता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें विटामिन बी समूह के कुछ विटामिन भी हो सकते हैं, जो शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल और दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करते हैं।
ध्यान रखें कि छाछ में पोषक तत्वों की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि इसे किस तरह तैयार किया गया है। इसलिए हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए छाछ के साथ संतुलित आहार लेना भी जरूरी है।

वजन को मैनेज करने में मदद

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो बिना चीनी वाली छाछ आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। कई मीठे पेय पदार्थों की तुलना में इसमें कैलोरी कम हो सकती है। इसमें मौजूद प्रोटीन भी पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि, केवल रोज छाछ पीने से वजन कम नहीं होता। इसके लिए संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।

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ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद कर सकती है

बिना चीनी वाली छाछ को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। मीठे और शुगर वाले पेय पदार्थों की जगह इसे चुनना कुछ लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन छाछ ब्लड शुगर कम करने की दवा नहीं है और न ही यह डायबिटीज को नियंत्रित करने का अकेला उपाय है। डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट और दवाओं के बारे में डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।

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शरीर को तरोताजा रखने में मदद

छाछ में पानी होने के कारण इसे पीने से ताजगी महसूस हो सकती है। इसमें भुना जीरा, करी पत्ता और अदरक मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है। गर्म मौसम में यह मीठे पेय पदार्थों का अच्छा विकल्प बन सकती है। हालांकि, छाछ में ज्यादा नमक डालने से बचें। खासकर हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को नमक का सेवन सीमित रखने की जरूरत होती है।

रोज छाछ पीते समय किन बातों का रखें ध्यान

नमक कम रखें: स्वाद के लिए थोड़ा भुना जीरा और करी पत्ता डाल सकते हैं, लेकिन नमक ज्यादा न डालें।

चीनी मिलाने से बचें: रोजाना पीने के लिए बिना चीनी वाली छाछ बेहतर विकल्प है।

लैक्टोज इनटॉलरेंस पर ध्यान दें: कुछ लोगों को दूध से बने उत्पादों के सेवन के बाद गैस, पेट दर्द या दस्त हो सकते हैं। ऐसी परेशानी होने पर छाछ की मात्रा कम करें या इसका सेवन बंद करके डॉक्टर से सलाह लें।

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ताजी छाछ पिएं: साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए छाछ तैयार करें और इसे उचित तरीके से स्टोर करें।

किसी बीमारी का इलाज न समझें: छाछ सेहतमंद डाइट का हिस्सा हो सकती है, लेकिन यह किसी बीमारी की दवा का विकल्प नहीं है।
   
 
 

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