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डायबिटीज में एक्सरसाइज कैसे करें? जानें कौन-सी कसरत है फायदेमंद

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 30 Oct, 2026 01:37 PM
डायबिटीज में एक्सरसाइज कैसे करें? जानें कौन-सी कसरत है फायदेमंद

नारी डेस्क: आजकल डायबिटीज यानी मधुमेह की समस्या काफी आम हो गई है। बदलती जीवनशैली, खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डायबिटीज होने पर डॉक्टर दवाओं के साथ खानपान पर ध्यान देने और रोजाना एक्टिव रहने की सलाह देते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या सिर्फ एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर कम हो सकता है? डायबिटीज के मरीजों के लिए कौन-सा वर्कआउट सही है और किन कसरतों से बचना चाहिए?

दरअसल, नियमित शारीरिक गतिविधि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। इसके लिए आपको बहुत मुश्किल एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है। रोजाना थोड़ी देर टहलना भी अच्छी शुरुआत हो सकती है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज में किस तरह एक्सरसाइज करनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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क्या एक्सरसाइज करने से सच में कम होता है ब्लड शुगर?

जी हां, एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है। यूके की डायबिटीज से जुड़ी स्वास्थ्य वेबसाइट के मुताबिक, जब हम चलते हैं या कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं, तो हमारी मांसपेशियां खून में मौजूद ग्लूकोज यानी शुगर का इस्तेमाल ऊर्जा के लिए करती हैं। इससे ब्लड शुगर का स्तर कम होने में मदद मिलती है। नियमित एक्सरसाइज से शरीर में इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करने लगता है। इसे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ना कहते हैं। इसका मतलब है कि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन की मदद से ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं। इसके अलावा, रोजाना एक्टिव रहने से वजन नियंत्रित रखने, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। शारीरिक गतिविधि तनाव कम करने और मूड अच्छा रखने में भी सहायक होती है।

डायबिटीज के मरीज कैसे शुरू करें एक्सरसाइज?

अगर आपने पहले कभी वर्कआउट नहीं किया है, तो अचानक से भारी एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है। शुरुआत छोटे कदमों से करें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार समय बढ़ाएं।

10 से 15 मिनट की वॉक से करें शुरुआत

अगर आप पहली बार एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं, तो रोजाना 10 से 15 मिनट हल्की वॉक करें। शुरुआत में आराम से चलें और जब शरीर इसकी आदत डाल ले, तो धीरे-धीरे चलने की गति और समय बढ़ा सकते हैं। सुबह या शाम का समय इसके लिए अच्छा हो सकता है।

 अपनी पसंद की एक्टिविटी चुनें

जरूरी नहीं कि डायबिटीज में केवल जिम जाकर ही एक्सरसाइज की जाए। आप अपनी पसंद के हिसाब से तेज चाल में चलना, साइकिल चलाना, तैरना या हल्की डांस एक्सरसाइज कर सकते हैं। ऐसी गतिविधि चुनें जिसे आप रोजाना आसानी से कर सकें।

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 घर के कामों से भी रहें एक्टिव

अगर आपके पास बाहर जाकर टहलने का समय नहीं है, तो घर पर भी एक्टिव रह सकते हैं। टीवी देखते समय बीच-बीच में उठकर कुछ कदम चलें, फोन पर बात करते हुए टहलें या घर के हल्के काम करें। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें।

हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करें

मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जा सकती है। शुरुआत में कुर्सी से उठना-बैठना, दीवार के सहारे पुश-अप करना या हल्की पानी की बोतल उठाकर हाथों की एक्सरसाइज करना मददगार हो सकता है। हालांकि, अपनी शारीरिक क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका चुनाव करें।

डायबिटीज में एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान

एक्सरसाइज से फायदा तभी मिलेगा, जब आप अपनी सेहत को ध्यान में रखकर कसरत करेंगे। डायबिटीज के मरीजों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

एक्सरसाइज से पहले और बाद में चेक करें शुगर

अगर आप इंसुलिन या ऐसी दवाएं लेते हैं जिनसे ब्लड शुगर कम हो सकता है, तो एक्सरसाइज से पहले और बाद में शुगर की जांच करना जरूरी है। शारीरिक गतिविधि के दौरान या उसके बाद शुगर अचानक कम हो सकती है। इसलिए अपने पास ग्लूकोज टैबलेट, टॉफी या कोई दूसरा जल्दी असर करने वाला मीठा विकल्प रखें। डॉक्टर से यह भी समझें कि आपके लिए एक्सरसाइज से पहले शुगर का सुरक्षित स्तर क्या होना चाहिए।

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दिल, किडनी और आंखों की समस्या में बरतें सावधानी

अगर आपको डायबिटीज के साथ दिल, किडनी या आंखों से जुड़ी परेशानी है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के भारी वर्कआउट शुरू न करें। बहुत ज्यादा वजन उठाना या तेज गति वाली कठिन एक्सरसाइज कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अपनी स्थिति के अनुसार सुरक्षित गतिविधि चुनें।

पैरों का रखें खास ख्याल

डायबिटीज में कुछ लोगों को पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या घाव होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में दौड़ने या पैरों पर ज्यादा दबाव डालने वाली एक्सरसाइज से परेशानी बढ़ सकती है। आरामदायक जूते पहनें और एक्सरसाइज के बाद पैरों में छाले, कट या घाव जरूर देखें। अगर पैरों में घाव है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना उस पर दबाव न डालें।

कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत रुकें

वर्कआउट करते समय अगर चक्कर आएं, कंपकंपी हो, बहुत पसीना निकले या अचानक कमजोरी महसूस हो, तो एक्सरसाइज तुरंत रोक दें। अपनी ब्लड शुगर जांचें। अगर शुगर कम हो गई है, तो डॉक्टर की बताई हाइपोग्लाइसीमिया से निपटने की सलाह अपनाएं। ऐसी स्थिति में एक्सरसाइज जारी न रखें।

शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें

शुरुआत में ही लंबे समय तक वर्कआउट करने की कोशिश न करें। जिस दिन ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस हो, उस दिन अपनी क्षमता के अनुसार आराम करें या हल्की गतिविधि करें। धीरे-धीरे एक्सरसाइज का समय बढ़ाना ज्यादा बेहतर है।

रोजमर्रा की ये छोटी आदतें भी आएंगी काम

डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए हर दिन जिम जाना जरूरी नहीं है। अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव करके भी आप एक्टिव रह सकते हैं। लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, अगर ऐसा करना आपके लिए सुरक्षित है। फोन पर बात करते समय बैठे रहने के बजाय थोड़ा टहलें। लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचें और बीच-बीच में उठकर चलें। खाना खाने के बाद हल्की वॉक करने की आदत डालें। सुबह समय न मिले तो शाम को टहलने जा सकते हैं। अपनी पसंद की एक्सरसाइज चुनें, ताकि इसे रोजाना करना मुश्किल न लगे।

एक्सरसाइज से शुगर के अलावा भी मिलते हैं फायदे

नियमित शारीरिक गतिविधि का असर केवल ब्लड शुगर पर ही नहीं पड़ता। इससे वजन नियंत्रित रखने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और दिल की सेहत बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, वॉक और दूसरी हल्की गतिविधियां तनाव कम करने, नींद बेहतर करने और पाचन को दुरुस्त रखने में भी सहायक हो सकती हैं। इसलिए डायबिटीज में एक्टिव रहने का मतलब खुद को थकाना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार रोजाना शरीर को चलाते रहना है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी भी तरह की चिकित्सीय सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। 
  

 

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