नारी डेस्क: घर के दरवाजे, खिड़की या फर्नीचर पर अचानक छोटे-छोटे छेद दिखाई देने लगें या लकड़ी के पास बारीक मिट्टी जैसी परत नजर आए तो इसे सिर्फ गंदगी समझकर नजरअंदाज न करें। ये दीमक के होने के संकेत हो सकते हैं। शुरुआत में दीमक का नुकसान ज्यादा दिखाई नहीं देता, लेकिन धीरे-धीरे यह लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकती है। पुराने फर्नीचर, लकड़ी की अलमारी, दरवाजे और नमी वाली जगहों पर इसका खतरा ज्यादा रहता है। हालांकि, अगर समस्या शुरुआत में ही पकड़ में आ जाए तो कुछ सावधानियां और घरेलू उपाय दीमक की गतिविधि को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर संक्रमण काफी फैल चुका है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय पेशेवर पेस्ट कंट्रोल की मदद लेना जरूरी हो सकता है।
घर में दीमक क्यों लगती है?
दीमक को नमी और लकड़ी जैसी चीजें पसंद होती हैं। घर में सीलन, पानी का रिसाव या लकड़ी का लगातार नम जमीन या सतह के संपर्क में रहना दीमक के लिए अनुकूल माहौल बना सकता है। बाथरूम, रसोई, खिड़की के आसपास, स्टोर रूम और ऐसी अलमारियां जहां हवा ठीक से नहीं पहुंचती, वहां खास ध्यान देना चाहिए। अगर लकड़ी पर पतली मिट्टी जैसी सुरंग, छोटे-छोटे छेद या लकड़ी का कमजोर होकर टूटना नजर आए, तो उसकी जांच करवाना बेहतर है। ध्यान रखें कि दीमक सिर्फ लकड़ी की ऊपरी सतह पर नहीं रहती। कई बार यह अंदर से लकड़ी को नुकसान पहुंचाती रहती है और बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाई देता है।
दीमक से बचाने के लिए नीम का तेल
नीम का तेल घर में कीटों से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अगर दीमक की समस्या बहुत शुरुआती या सीमित है, तो प्रभावित लकड़ी को पहले अच्छी तरह साफ करके उसकी सतह पर नीम का तेल कपड़े या ब्रश की मदद से लगाया जा सकता है। यह उपाय दीमक की गतिविधि को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इलाज न समझें। अगर दीमक लकड़ी के अंदर तक पहुंच चुकी है, तो सिर्फ नीम का तेल लगाने से समस्या खत्म होना जरूरी नहीं है।
लकड़ी को नमी से बचाना सबसे जरूरी
दीमक के लिए नमी वाला वातावरण अनुकूल होता है। इसलिए घर में जहां भी सीलन या पानी का रिसाव हो, उसे जल्द ठीक करवाएं। पाइप से पानी टपक रहा है, दीवार में नमी है या फर्श के आसपास पानी जमा रहता है, तो पहले उसके कारण को दूर करें। लकड़ी के फर्नीचर को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां हवा का आवागमन बना रहे। छोटे लकड़ी के सामान को अगर सुरक्षित तरीके से धूप में रखा जा सकता है, तो कुछ समय के लिए अच्छी तरह सुखाना भी मददगार हो सकता है। सिर्फ उस जगह को सुखाना काफी नहीं है जहां दीमक दिखाई दे रही है। घर में नमी का स्रोत खत्म करना ज्यादा जरूरी है।
लकड़ी के आसपास गंदगी जमा न होने दें
घर के किसी कोने में पुराने लकड़ी के टुकड़े, गत्ते और बेकार कागज लंबे समय तक जमा करके न रखें। ऐसी चीजें भी दीमक के लिए भोजन का स्रोत बन सकती हैं। स्टोर रूम, अलमारी के पीछे और फर्नीचर के नीचे समय-समय पर सफाई करते रहें। फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाकर रखने के बजाय थोड़ी जगह छोड़ना भी बेहतर रहता है। इससे हवा आती-जाती रहती है और नमी या दीमक के शुरुआती संकेतों का पता लगाना आसान होता है।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर लकड़ी पर बार-बार नई मिट्टी जैसी सुरंगें दिखाई दे रही हैं, छोटे छेद बढ़ रहे हैं, लकड़ी दबाने पर कमजोर महसूस होती है या दरवाजे और फर्नीचर धीरे-धीरे खोखले होने लगे हैं, तो मामला सिर्फ सतही समस्या नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में खुद से बार-बार घरेलू उपाय करने के बजाय किसी पेशेवर पेस्ट कंट्रोल विशेषज्ञ से घर की जांच करवाना बेहतर है। खासकर तब, जब दीमक एक से ज्यादा कमरों में दिखाई देने लगे।
अगर लकड़ी पर कोई तेल या घरेलू पदार्थ लगाने जा रहे हैं, तो पहले उसे किसी छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर लगाकर देख लें। इससे लकड़ी पर दाग पड़ने या उसकी सतह खराब होने का जोखिम कम रहेगा।