
नारी डेस्क: 'सिटी ऑफ जॉय' (खुशियों का शहर) कहे जाने वाले कोलकाता में दुर्गा पूजा के जश्न को खास बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। शहर की सड़कों पर कई बेहद खूबसूरत और अनोखे पंडाल सजाए गए हैं। इनमें से एक पंडाल सबसे अलग है, जो भगवान कृष्ण के विशाल 'विश्वरूप' और देवी दुर्गा की दिव्य शक्ति से प्रेरित है। 'विश्व रूपे विश्वरूपिणी' थीम पेश करने का श्रेय 'चेतला अग्रणी' दुर्गा पूजा आयोजकों को जाता है।

इस बारे में बात करते हुए, 'चेतला अग्रणी' दुर्गा पूजा समिति की सदस्य श्रीजिता दास ने कहा- "इस साल हमारी थीम 'विश्व रूपे विश्वरूपिणी' है। इसमें देवी दुर्गा को पूरे ब्रह्मांड की रक्षक के रूप में दिखाया गया है... साथ ही, इसमें एक ऐसी मां को भी दर्शाया गया है जो अपने बच्चों के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देती है। इसके अलावा इसमें भगवान विष्णु को अपने 'विश्वरूप' के जरिए दुनिया की रक्षा करते हुए दिखाया गया है... कारीगरों ने इसमें बहुत मेहनत की है, और इस थीम को तैयार करने में काफी लंबा समय लगा है।

कोलकाता में 77वीं ढाकुरिया साहिदनगर सार्वजनीन दुर्गा पूजा हो रही है, जहां पंडाल को 'महा मिलन' की थीम पर डिज़ाइन किया गया है। यह थीम शरणार्थी समुदाय के संघर्षों और उनकी यात्रा को दर्शाती है। हिंदुओं का दुर्गा पूजा का त्योहार, जिसे दुर्गोत्सव या शारदोत्सव के नाम से भी जाना जाता है, हर साल मनाया जाता है। इसमें हिंदू देवी दुर्गा का सम्मान किया जाता है और महिषासुर पर उनकी जीत का जश्न मनाया जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस समय देवी अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए पृथ्वी पर आती हैं।