17 OCTSATURDAY2026 10:11:11 AM
Life Style

नहीं कर पा रहे दुर्गा सप्तसती का पाठ तो कर लो 6 मंत्रों का जाप,  हर मनोकामना हो जाएगी पूरी

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 12 Oct, 2026 11:07 AM
नहीं कर पा रहे दुर्गा सप्तसती का पाठ तो कर लो 6 मंत्रों का जाप,  हर मनोकामना हो जाएगी पूरी

नारी डेस्क: दुर्गा सप्तशती, जिसे देवी माहात्म्य या चंडी पाठ के नाम से भी जाना जाता है देवी दुर्गा को समर्पित एक पवित्र ग्रंथ है। इस पवित्र ग्रंथ में 700 श्लोक हैं जो देवी द्वारा लड़े गए दिव्य युद्धों के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का वर्णन करते हैं। माना जाता है कि दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से समृद्धि, शक्ति और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है। आज हम आपको दुर्गासप्तशती के ऐसे 6 दिव्य मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका जप करने से आप अच्छी सेहत के साथ साथ खूब धन भी कमाएंगे। इन मंत्रों का जप आप 108, 1100, एक लाख, सवा लाख बार कर सकते हैं। अपनी श्र्द्धा और क्षमता के अनुसार, आप इन मंत्रों का जप कर सकते हैं।

PunjabKesari
नवरात्रि में जपने के लिए छह शक्तिशाली मंत्र

विजय और शुभता का मंत्र

“ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते”

अर्थ: यह मंत्र देवी दुर्गा को विजय और शुभता प्रदान करने वाली, क्षमाशील और पालन-पोषण करने वाली देवी के रूप में नमन करता है।

भय से सुरक्षा का मंत्र

“ॐ सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवी नमोस्तुते॥”

अर्थ: यह मंत्र उस देवी का आह्वान करता है जो सभी रूपों में विद्यमान हैं और सभी शक्तियों का स्रोत हैं, ताकि वे हमें भय से बचा सकें।

जगत जननी और बुद्धि का मंत्र

“या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

अर्थ: उन देवी को नमन जो सभी प्राणियों में मातृत्व, शक्ति और बुद्धि के रूप में विद्यमान हैं।

अजेय देवी का मंत्र

“अपराजितासि देवि त्वं विश्वस्य परमेश्वरी। नारायणि नमोस्तुते सर्वसिद्धिप्रदायिके॥”

अर्थ: यह मंत्र अजेय देवी नारायणी को नमन करता है, जो सभी आध्यात्मिक सिद्धियों की स्रोत हैं। 

उग्र चामुंडा का मंत्र

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”

अर्थ: यह मंत्र देवी चामुंडा की उग्र और रक्षा करने वाली शक्ति का आह्वान करता है, जो बुराई का नाश करने के लिए जानी जाती हैं।

इच्छा-पूर्ति और शरण के लिए मंत्र

“ॐ सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥”

अर्थ: यह मंत्र शुभ गौरी को समर्पित है, जो सभी इच्छाओं को पूरा करती हैं और शरण देती हैं।

PunjabKesari
इन मंत्रों के जाप के लाभ

सुरक्षा: ये नकारात्मकता, दुर्भाग्य और बुरी शक्तियों से रक्षा करते हैं।

सफलता: इन मंत्रों का पाठ करने से बाधाओं को दूर करने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जीत हासिल करने में मदद मिलती है।

आध्यात्मिक उन्नति: इन मंत्रों से जुड़ने से आध्यात्मिक विकास होता है और देवी शक्ति के साथ आपका संबंध गहरा होता है।

अंधकार को दूर करना: भक्त अज्ञानता, भय और आंतरिक अंधकार को दूर करने के लिए इन मंत्रों का जाप करते हैं।

इच्छा-पूर्ति: इन मंत्रों का पाठ करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है, जिससे शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक व भौतिक इच्छाओं की पूर्ति होती है।

नवरात्रि के दौरान इन मंत्रों की शक्ति को अपनाएं ताकि आप देवी दुर्गा से गहराई से जुड़ सकें और अपने जीवन में उनका आशीर्वाद पा सकें।
 

Related News