
नारी डेस्क: नवरात्रि के व्रत में साबूदाना, आलू और कुट्टू की पूरी जैसे खाद्य पदार्थ ही खाए जाते हैं जो खाने में तो बेहद स्वाद होते हैं लेकिन ये हमारी सेहत का ख्याल रख पाते हैं? ये सवाल कई लोगों के मन में उठता है। खाने के समय में बदलाव और प्रोटीन के सामान्य स्रोतों से दूरी के कारण कई बार मसल मास (मांसपेशियों की मात्रा) पर भी असर पड़ने लगता है । चलिए जानते हैं व्रत की परंपराओं का पालन करते हुए आप अपनी ताकत कैसे बने सकते हैं।

व्रत के खाने में करें बदलाव
लाइफस्टाइल कोच ने बताया कि व्रत रखने का मतलब यह नहीं है कि आपकी मांसपेशियां (मसल्स) कम हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि व्रत के दौरान पर्याप्त मात्रा में भोजन करना, प्रोटीन से भरपूर चीजें चुनना और उपवास की अवधि में भी किसी न किसी तरह की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (ताकत बढ़ाने वाली कसरत) जारी रखना, आपके फिटनेस लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर सकता है। उन्होंने समझाया- "नवरात्रि के इन नौ दिनों में आपके खाने-पीने की चीजें बदल सकती हैं, लेकिन आपके शरीर की बुनियादी जरूरतें नहीं बदलतीं। आपको अभी भी प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है। बस आपको इन्हें ऐसी चीजों से लेना होगा जो आपके व्रत के नियमों के अनुकूल हों।"
प्रोटीन के लिए खाएं ये चीजें
पोषण विशेषज्ञ समझाते हैं कि आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आपके पास खाने के लिए क्या-क्या विकल्प मौजूद हैं और उसी के अनुसार चुनाव करना चाहिए। अपने व्रत के नियमों के आधार पर, आप प्रोटीन के लिए डेयरी उत्पादों को और कार्बोहाइड्रेट के लिए कुट्टू, समा के चावल और आलू जैसी चीजों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इस दौरान तले हुए आलू, पूरी और मिठाइयों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। ज़्यादातर तली-भुनी या मीठी चीज़ें खाने से कैलोरी तो बढ़ सकती है, लेकिन आपके खाने में प्रोटीन और अन्य ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

अपने उपवास को 'क्रैश डाइट' में न बदलें
बहुत कम खाना कोई समाधान नहीं है। अगर आप दिन में केवल एक बार मुख्य भोजन करते हैं, तो उसे संतुलित रखें। इसमें कुट्टू की रोटी या समा के चावल, रायता और दालें शामिल कर सकते हैं। दूध, दही, पनीर और व्रत में खाई जाने वाली दालों को अपने भोजन में शामिल करें। डेयरी उत्पादों को फलों, सब्जियों या थोड़े से मेवों (नट्स) के साथ मिलाकर स्नैक के रूप में भी लिया जा सकता है। कुट्टू, समा के चावल, आलू और शकरकंद से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। यह तब और भी जरूरी हो जाता है, जब आप नवरात्रि के दौरान भी व्यायाम (एक्सरसाइज) जारी रखते हैं। मेवे और बीज खाए जा सकते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी बहुत अधिक होती है, इसलिए इनका सेवन सावधानी से करें।