
नारी डेस्क: फिल्म निर्माता, कोरियोग्राफर और यूट्यूबर फराह खान को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 'टीका' लगवाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ऑनलाइन उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। फराह का एक वीडियो 'X' पर वायरल हो रहा है। इस क्लिप में, होटल का स्टाफ लॉबी में आरती की थाली के साथ उनका स्वागत करता दिख रहा है। हालांकि जब स्टाफ का एक सदस्य उनके माथे पर टीका लगाने की कोशिश करता है, तो फराह मना कर देती हैं और इसके बजाय अपनी कलाई पर टीका लगवाती हैं।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद, लोगों ने फिल्म निर्माता की आलोचना शुरू कर दी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- "फराह खान तब नाराज हो जाती हैं जब कोई महिला स्वागत के तौर पर उन्हें टीका लगाने की पेशकश करती है। सोचिए, उन्होंने नेल पॉलिश लगाई हुई है - जो इस्लाम में हराम है - लेकिन उन्हें टीके से दिक्कत है, क्योंकि नेल पॉलिश एक 'स्टाइल स्टेटमेंट' है, जबकि टीका एक हिंदू परंपरा है। बॉलीवुड के तथाकथित सेलिब्रिटीज का यही असली चेहरा है।"

एक अन्य यूजर ने लिखा- "फराह ने पहले फूलों की बारिश लेने से मना किया, और फिर साफ तौर पर माथे पर कुमकुम (टीका) लगवाने से इनकार कर दिया! जब उन्हें पता होता है कि वहां इस तरह की रस्में होंगी तो वे ऐसी जगहों पर जाती ही क्यों हैं? कुछ लोगों को बस विवाद खड़ा करने की आदत होती है! क्या फराह खान को इस तरह से अनादर करना शोभा देता है? और जिन्होंने उन्हें आमंत्रित किया, वे भी उतने ही मूर्ख हैं!" एक और यूजर ने पूछा,-"इस 'सेक्युलर' फराह खान ने माथे पर टीका लगवाने से मना क्यों किया??"
एक अन्य यूजर ने सवाल किया- "वह सार्वजनिक रूप से खुद को 'सेक्युलर' दिखाती हैं, तो फिर इस 'सेक्युलर' फराह खान ने माथे पर टीका लगवाने से इनकार क्यों किया??" फराह ने 2004 में कमर्शियल रूप से सफल फिल्म 'मैं हूं ना' के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा, जिसके बाद 2007 में 'ओम शांति ओम' आई। इसके बाद उन्होंने 2010 में 'तीस मार खान' और 2014 में कई कलाकारों वाली म्यूजिकल-हीस्ट फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' का निर्देशन किया। उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है, जिनमें 'मानसून वेडिंग', 'बॉम्बे ड्रीम्स', 'वैनिटी फेयर', 'मैरीगोल्ड: एन एडवेंचर इन इंडिया' और 'कुंग फू योगा' शामिल हैं।