
नारी डेस्क : यामी गौतम यैलो ट्रडीशनल साड़ी पहनकर अयोध्या श्री राम मंदिर पहुंची। अपनी देसी लुक और संस्कारी नेचर के लिए काफी पसंद की जाती है। यामी गौतम खुद भी हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी फैमिली से हैं और उन्होंने उरी के डायरेक्टर आदित्य धर से शादी की जो मूल रूप से एक कश्मीरी परिवार हैं।

यामी ने अपनी शादी में मां की पुरानी साड़ी और नानी के पुश्तैनी गहने पहने थे इसी के साथ यामी ने ससुराल की खास चीज अपने कानों में सजाई थी। यामी गौतम सोने के एक खास किस्म के ईयररिंग्सपहनती हैं, जिसके साथ गोल्ड की लंबी चैन लटकी रहती है। यह कश्मीरी औरतों का सबसे खास गहना होता है। कश्मीरी औरतें सिंदूर-मंगलसूत्र लगाए या ना लगाए लेकिन वह इस पारंपरिक गहने को जरूर पहनती हैं क्योंकि सिंदूर-मंगलसूत्र की जगह इस गहने को पहना जाता है जिसे देजिहोर कहते हैं।

देजिहोर को कश्मीरी पंडित महिलाओं की शान कहा जाता है क्योंकि देजिहोर कश्मीरी पंडित परंपरा में सिंदूर और मंगलसूत्र के समान है। देजिहोर के केंद्र में एक बिंदु होता है जिसे शिव और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

शादी के एक दिन पहले इस गहने को दुल्हन की मां, एक लाल रंग के धागे में पिरोकर पहनाती है। इस सेरेमनी को देवगोन सेरेमनी कहा जाता है। शादी के अलगे दिन ससुराल वाले इस लाल धागे को हटाकर इसमें सोने की चैन जोड़ते हैं जिसे आथ कहा जाता है।

क्या आप इस देजिहोर गहने के बारे में जानते हैं तो हमें इसके बारे में आप और जानकारी दे सकते हैं।