नारी डेस्कः देश में दिनों दिन लगातार दिल के दौरे के केसेज बढ़ते जा रहे हैं, जहां पहले उम्रदराज लोगों को हार्ट अटैक आता था, वहीं अब बच्चे और युवा भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। हार्ट अटैक को अक्सर अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है लेकिन कई मामलों में शरीर इससे पहले कुछ संकेत देने लगता है। समस्या यह है कि लोग इन लक्षणों को थकान, गैस, एसिडिटी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर सीने में असहजता, सांस फूलना, अचानक पसीना आना या असामान्य कमजोरी जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि, हर व्यक्ति में हार्ट अटैक के लक्षण एक जैसे नहीं होते और कुछ लोगों में बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के भी अटैक हो सकता है।
1. सीने में दबाव या जकड़न
हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत सीने में दर्द या असहजता हो सकता है। कई लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे सीने पर भारी वजन रखा हो या सीना कस रहा हो।
सीने में दबाव, भारीपन या जकड़न।
जलन या दर्द जैसा महसूस होना।
कुछ मिनट तक परेशानी रहना या बार-बार वापस आना।
आराम करने के बाद भी परेशानी पूरी तरह खत्म न होना।
हर सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, लेकिन अचानक या असामान्य सीने की परेशानी को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

2. दर्द का हाथ, कंधे या जबड़े तक पहुंचना
कभी-कभी हार्ट से जुड़ा दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। यह एक या दोनों हाथों, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। अगर सीने की परेशानी के साथ शरीर के ऊपरी हिस्से में अचानक दर्द या भारीपन महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है।
3. बिना मेहनत के सांस फूलनासीढ़ि
यां चढ़ने या व्यायाम करने के बाद सांस फूलना सामान्य हो सकता है, लेकिन बिना ज्यादा शारीरिक मेहनत के अचानक सांस लेने में परेशानी होना चिंता का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों में सांस फूलना सीने के दर्द से पहले भी शुरू हो सकता है। इसलिए इसे केवल कमजोरी या थकान मानकर नजरअंदाज न करें।
4. अचानक ठंडा पसीना आना
बिना गर्मी या व्यायाम के अचानक ठंडा पसीना आना भी हार्ट अटैक से जुड़ा संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ सीने में दबाव, सांस फूलना, चक्कर या कमजोरी भी महसूस हो रही है, तो स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए।
5. असामान्य थकान और कमजोरी
कुछ लोगों में हार्ट अटैक से पहले असामान्य थकान महसूस हो सकती है। ऐसा लग सकता है कि शरीर में अचानक ऊर्जा खत्म हो गई है, जबकि कोई ज्यादा मेहनत भी नहीं की गई। महिलाओं में यह लक्षण विशेष रूप से ध्यान देने योग्य हो सकता है, क्योंकि उनमें हार्ट अटैक के लक्षण कभी-कभी पारंपरिक सीने के दर्द से अलग दिखाई देते हैं।
6. मितली, उल्टी या पेट में बेचैनी
हार्ट अटैक के दौरान कुछ लोगों को मितली, उल्टी या पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता हो सकती है। इसे कई बार लोग गैस या अपच समझ लेते हैं। अगर पेट की परेशानी के साथ सीने में दबाव, पसीना, सांस फूलना या चक्कर भी हो, तो इसे सामान्य गैस मानकर घर पर इंतजार न करें।
7. चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना
अचानक चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या ऐसा लगना कि बेहोश हो जाएंगे, हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। खासकर जब इसके साथ सीने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत हो।
8. दिल की धड़कन में बदलाव
कुछ लोगों को दिल बहुत तेज धड़कता हुआ, धड़कन छूटती हुई या अनियमित महसूस हो सकती है। हालांकि धड़कन बढ़ने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, लेकिन अगर इसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर हो तो तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
9. महिलाओं में लक्षण अलग हो सकते हैं
महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान केवल तेज सीने का दर्द ही जरूरी नहीं है। उन्हें सांस फूलना, असामान्य थकान, मितली, पीठ या जबड़े में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए महिलाओं में इन संकेतों को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
कब तुरंत मदद लेनी चाहिए?
अगर अचानक सीने में दबाव या दर्द हो और इसके साथ सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर, कमजोरी या दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना हो, तो इंतजार न करें और तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें। हार्ट अटैक में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। लक्षणों को खुद से गैस, एसिडिटी या थकान मानकर इलाज करने की कोशिश करने के बजाय जल्द से जल्द डॉक्टर या इमरजेंसी सेवा से संपर्क करना ज्यादा सुरक्षित है।
जरूरी बात: हार्ट अटैक हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षणों के साथ नहीं आता। कुछ लोगों में लक्षण हल्के हो सकते हैं और कुछ मामलों में चेतावनी के संकेत बिल्कुल स्पष्ट नहीं होते। इसलिए नए, अचानक या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें।