नारी डेस्क : आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक बैठे रहने की आदत, बढ़ता वजन और गलत पोश्चर के कारण कूल्हों (Hip) में दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोग इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार बना रहने वाला दर्द आगे चलकर गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में कुछ आसान आदतों और सही एक्सरसाइज की मदद से इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं कूल्हे के दर्द को कम करने के 5 आसान तरीके।
वजन नियंत्रित रखें
यदि शरीर का वजन जरूरत से ज्यादा है, तो इसका सीधा असर कूल्हों और घुटनों पर पड़ता है। अतिरिक्त वजन जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है, जिससे दर्द और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के जरिए वजन नियंत्रित रखना जरूरी है। अगर दर्द लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।

भारी सामान उठाने में बरतें सावधानी
बार-बार भारी सामान उठाने से कूल्हों, कमर और पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि आपको भारी सामान उठाना पड़ता है, तो ट्रॉली या पहियों वाली हैंडकार्ट का इस्तेमाल करें। वहीं, कंधे पर भारी बैग की बजाय बैकपैक का उपयोग करें और उसमें भी जरूरत से ज्यादा वजन न रखें।
नियमित एक्सरसाइज करें
दर्द कम होने के बाद हल्की-फुल्की एक्सरसाइज शुरू करें। वॉकिंग, योग और स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां मांसपेशियों को मजबूत बनाने और जोड़ों की जकड़न कम करने में मदद कर सकती हैं। यदि दर्द ज्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे, तो किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही एक्सरसाइज करें।

हैवी वर्कआउट से बचें
कूल्हे में दर्द होने पर हाई-इम्पैक्ट एक्सरसाइज जैसे दौड़ना, जंपिंग या किक बॉक्सिंग करने से बचें। शुरुआत हल्के वर्कआउट से करें, जैसे स्टेशनरी साइकिल या कम प्रभाव वाली एक्सरसाइज। धीरे-धीरे शरीर की क्षमता के अनुसार गतिविधि बढ़ाएं।
स्वीमिंग को बनाएं रूटीन का हिस्सा
स्वीमिंग को कूल्हों के दर्द के लिए बेहतरीन लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज माना जाता है। पानी शरीर का भार कम कर देता है, जिससे जोड़ों पर दबाव घटता है। साथ ही यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने और शरीर की लचीलापन बढ़ाने में भी मदद करती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि कूल्हे का दर्द कई दिनों तक बना रहे, चलने-फिरने में परेशानी हो, सूजन या तेज दर्द महसूस हो या दर्द के साथ बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और सही इलाज गंभीर समस्याओं से बचा सकता है।