11 AUGTUESDAY2026 2:39:23 PM
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सेंधा नमक से घर पर करें पेडीक्योर, एड़ियों की सख्त परत होगी मुलायम

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 11 Aug, 2026 11:49 AM
सेंधा नमक से घर पर करें पेडीक्योर, एड़ियों की सख्त परत होगी मुलायम

नारी डेस्क:  पैरों की खूबसूरती और साफ-सफाई के लिए पेडीक्योर को काफी कारगर माना जाता है। आमतौर पर पेडीक्योर का नाम सुनते ही स्क्रबिंग, डेड स्किन हटाने और एड़ियों को मुलायम करने का ख्याल आता है। लेकिन पेडीक्योर का एक और जरूरी हिस्सा है, जिस पर अक्सर कम ध्यान दिया जाता है। यह है फुट सोक। फुट सोक में कुछ देर तक पैरों को गुनगुने पानी में भिगोया जाता है। इस पानी में जरूरत के हिसाब से सेंधा नमक, इप्सम सॉल्ट, बेकिंग सोडा, गुलाब की पंखुड़ियां या दूसरे फुट सोक प्रोडक्ट्स मिलाए जा सकते हैं। इससे पैरों की त्वचा नरम पड़ती है और बाद में स्क्रबिंग के दौरान डेड स्किन और कैलस को हटाना आसान हो जाता है। साथ ही कुछ फुट सोक थके हुए पैरों को आराम देने में भी मदद कर सकते हैं।

पेडीक्योर में फुट सोक इतना जरूरी क्यों है

पैरों को सीधे स्क्रब करने के बजाय पहले कुछ देर गुनगुने पानी में भिगोना ज्यादा बेहतर रहता है। पानी में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें पैरों की सख्त और सूखी त्वचा को नरम करने में मदद करती हैं। इसके बाद जब स्क्रबिंग या फुट फाइल का इस्तेमाल किया जाता है, तो डेड स्किन को हटाना आसान हो जाता है। फुट सोक से पैरों की त्वचा को मुलायम करने के साथ थकान कम करने, पैरों को साफ रखने और कुछ मामलों में बदबू को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल फुट सोक से बहुत मोटी कैलस या जमी हुई डेड स्किन पूरी तरह नहीं निकलती। इसके लिए सोक के बाद हल्की एक्सफोलिएशन जरूरी होती है।

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इप्सम सॉल्ट से थके पैरों को मिल सकता है आराम

इप्सम सॉल्ट को फुट सोक के लिए काफी समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे गुनगुने पानी में मिलाकर पैरों को करीब 15 से 20 मिनट तक भिगोया जा सकता है। इससे पैरों की त्वचा नरम महसूस होती है और लंबे समय तक खड़े रहने या शारीरिक मेहनत के बाद पैरों को आराम मिल सकता है। इप्सम सॉल्ट फुट सोक खास तौर पर उन लोगों को अच्छा लग सकता है जिन्हें दिनभर खड़े रहना पड़ता है। जिम करने वालों, ज्यादा चलने वालों या शारीरिक गतिविधि के बाद पैरों में थकान महसूस करने वालों के लिए भी गुनगुने पानी में पैर भिगोना राहत देने वाला अनुभव हो सकता है। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि इप्सम सॉल्ट से त्वचा के जरिए पर्याप्त मैग्नीशियम शरीर में पहुंचने या सूजन जैसी मेडिकल समस्या का इलाज होने के दावे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित नहीं हैं। इसका मुख्य फायदा गर्म पानी में पैर भिगोने से मिलने वाले आराम और त्वचा के नरम होने के रूप में देखा जाना बेहतर है।

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जेली पेडीक्योर देता है स्पा जैसा अनुभव

सलून में इन दिनों जेली पेडीक्योर भी काफी लोकप्रिय है। इसमें पानी में खास जेली सोक मिलाया जाता है, जिसके बाद पानी जेल जैसी बनावट में बदल जाता है। ऐसे प्रोडक्ट्स में सोडियम पॉलीएक्रिलेट के साथ ग्लिसरीन, एलोवेरा, एसेंशियल ऑयल या प्लांट एक्स्ट्रैक्ट जैसे ingredients भी हो सकते हैं। जेली सोक की खासियत यह है कि इससे पैरों को लंबे समय तक गर्म पानी में भिगोने जैसा अनुभव मिलता है। पैरों की रूखी त्वचा और सख्त कैलस नरम हो सकते हैं, जिससे बाद में उन्हें साफ करना आसान हो जाता है। कुछ जेली पेडीक्योर प्रोडक्ट्स में मौजूद मॉइस्चराइजिंग ingredients त्वचा को भी मुलायम महसूस करा सकते हैं। अगर आपकी एड़ियां बहुत रूखी रहती हैं और बार-बार खुरदरी त्वचा जम जाती है, तो जेली पेडीक्योर एक आरामदायक विकल्प हो सकता है। हालांकि, फटी एड़ियों की गंभीर समस्या होने पर सिर्फ जेली सोक पर निर्भर रहने के बजाय उचित स्किन केयर जरूरी है।

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सेंधा नमक से घर पर करें आसान फुट सोक

घर पर पेडीक्योर करने के लिए सेंधा नमक सबसे आसान विकल्पों में से एक है। एक टब या बड़े बर्तन में गुनगुना पानी लें और उसमें थोड़ी मात्रा में सेंधा नमक डालें। इसमें करीब 10 से 15 मिनट तक पैर भिगोकर रखने के बाद पैरों को बाहर निकालें और मुलायम तौलिये से सुखाएं। सेंधा नमक वाला गुनगुना पानी पैरों की सख्त त्वचा को नरम करने में मदद कर सकता है। इसके बाद हल्के हाथों से फुट स्क्रब या प्यूमिस स्टोन की मदद से डेड स्किन साफ की जा सकती है। इससे खास तौर पर एड़ियों पर जमी खुरदरी त्वचा को हटाना आसान हो जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने के बाद पैरों में थकान महसूस हो रही हो, तब भी कुछ देर सेंधा नमक वाले गुनगुने पानी में पैर रखने से आराम मिल सकता है। लेकिन इसे फंगल इंफेक्शन या किसी त्वचा रोग का इलाज समझना सही नहीं है।

बहुत सख्त एड़ियों वालों के लिए क्यों उपयोगी हो सकता है सेंधा नमक?

अगर एड़ियों पर डेड स्किन की मोटी परत जम गई है, त्वचा खुरदरी हो गई है और सामान्य पानी में पैर भिगोने के बाद भी स्क्रब करना मुश्किल लगता है, तो सेंधा नमक वाला फुट सोक मददगार हो सकता है। इसका फायदा मुख्य रूप से पैरों को भिगोने और त्वचा को नरम करने से जुड़ा है। सोक के बाद जब त्वचा नरम हो जाए, तभी हल्की स्क्रबिंग करें। इसके बाद पैरों को अच्छी तरह सुखाकर मॉइस्चराइजर या फुट क्रीम लगाना जरूरी है। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और एड़ियां दोबारा जल्दी रूखी होने से बच सकती हैं।

गुलाब की पंखुड़ियां पैरों को देंगी ताजगी

अगर आप पेडीक्योर को थोड़ा रिलैक्सिंग और स्पा जैसा बनाना चाहते हैं, तो गुनगुने पानी में गुलाब की ताजा पंखुड़ियां डाल सकते हैं। गुलाब की खुशबू पैरों को भिगोने के अनुभव को ज्यादा सुखद बना देती है और इससे हल्का अरोमा-थेरेपी जैसा एहसास हो सकता है। गुलाब की पंखुड़ियां त्वचा को हल्का ठंडा और तरोताजा महसूस करा सकती हैं। अगर पैरों की त्वचा थकी हुई या रूखी नजर आ रही है, तो इस तरह का फुट सोक पेडीक्योर को ज्यादा आरामदायक बना सकता है। हालांकि, गुलाब की पंखुड़ियों से पैरों की रंगत स्थायी रूप से बदलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। पैरों की चमक और बेहतर लुक मुख्य रूप से सफाई, एक्सफोलिएशन और मॉइस्चराइजिंग से आता है।

बेकिंग सोडा और सिरका किसके लिए हो सकता है बेहतर?

जिन लोगों के पैरों में ज्यादा पसीना आता है या लंबे समय तक बंद जूते पहनने के कारण बदबू की समस्या रहती है, वे फुट सोक के बारे में सोच सकते हैं। बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कई घरेलू सफाई उपायों में किया जाता है और पैरों की सतह से गंध को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, बेकिंग सोडा और सिरके को एक साथ मिलाने पर दोनों आपस में प्रतिक्रिया करके काफी हद तक neutralize हो जाते हैं। इसलिए इसे कोई बेहद प्रभावी एंटीफंगल उपचार मानना सही नहीं होगा। खासकर अगर बदबू के पीछे फंगल इंफेक्शन है, तो घरेलू फुट सोक से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। टी ट्री या लैवेंडर जैसे एसेंशियल ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने से जलन या एलर्जी हो सकती है। अगर किसी फुट सोक में इनका इस्तेमाल करना हो, तो प्रोडक्ट के निर्देशों के अनुसार ही करें।

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घर पर पेडीक्योर करते समय इन बातों का रखें ध्यान

फुट सोक के लिए बहुत गर्म पानी इस्तेमाल न करें। गुनगुना पानी पर्याप्त है। बहुत देर तक पैर भिगोए रखने से कुछ लोगों की त्वचा और ज्यादा सूखी या संवेदनशील हो सकती है। पैरों को भिगोने के बाद प्यूमिस स्टोन या फुट फाइल से डेड स्किन को हल्के हाथों से साफ करें। बहुत ज्यादा रगड़ने या कैलस को ब्लेड से काटने की कोशिश न करें। इससे त्वचा में चोट लग सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। पेडीक्योर के आखिर में पैरों को अच्छी तरह सुखाकर एड़ियों और तलवों पर अच्छी फुट क्रीम या मॉइस्चराइजर लगाएं। अगर एड़ियां बार-बार फटती हैं, तो रात में मॉइस्चराइजर लगाने के बाद कॉटन के मोजे पहनना भी मददगार हो सकता है।

कट या इंफेक्शन हो तो फुट सोक से बचें

अगर पैरों में कट, खुला घाव, फंगल इंफेक्शन, एक्जिमा, लालिमा, तेज खुजली या किसी तरह की त्वचा संबंधी समस्या है, तो घर पर तरह-तरह के फुट सोक आजमाने से पहले डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर है। खास तौर पर किसी इंफेक्शन को नमक, सिरका या एसेंशियल ऑयल से ठीक करने की कोशिश न करें। पहले समस्या का सही कारण पता लगाकर उसका उपचार करना जरूरी है। त्वचा ठीक होने के बाद ही सामान्य पेडीक्योर करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प रहेगा।

कुल मिलाकर, घर पर पेडीक्योर के दौरान गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर पैरों को कुछ देर भिगोना एक आसान तरीका है। इससे त्वचा नरम होती है और एड़ियों की डेड स्किन को बाद में साफ करना आसान हो सकता है। बेहतर नतीजे के लिए फुट सोक के बाद हल्की एक्सफोलिएशन और अच्छी मॉइस्चराइजिंग को अपनी फुट केयर रूटीन का हिस्सा बनाएं।
  
 
  


 

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