नारी डेस्क: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मनीषा कोइराला आज एक कैंसर सर्वाइवर के तौर पर अपनी जिंदगी जी रही हैं। उन्होंने ओवेरियन कैंसर यानी अंडाशय के कैंसर की चौथी स्टेज को मात दी है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का सफर उनके लिए आसान नहीं था। साल 2012 में जब उन्हें अपने कैंसर के बारे में पता चला, तब तक बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी थी। मनीषा कई मौकों पर अपनी कैंसर जर्नी के बारे में खुलकर बात कर चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि बीमारी के शुरुआती संकेत उनका शरीर काफी समय पहले से दे रहा था, लेकिन उन्होंने उन लक्षणों को सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर दिया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिन समस्याओं को वह उम्र, खान-पान या लाइफस्टाइल से जोड़ रही हैं, उनके पीछे इतनी गंभीर बीमारी छिपी हो सकती है।
पेट फूलने और बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षणों को किया नजरअंदाज
अपनी किताब Healed के बारे में बात करते हुए मनीषा ने अपनी बीमारी के शुरुआती दिनों को याद किया था। उन्होंने बताया था कि उनका शरीर लगातार कुछ संकेत दे रहा था। वह अक्सर बीमार पड़ रही थीं और उनके पेट में बदलाव नजर आने लगा था। मनीषा के मुताबिक, उनका पेट बढ़ने लगा था और अक्सर फूला हुआ महसूस होता था। उस समय उन्होंने इसे कैंसर से जोड़कर नहीं देखा। उन्हें लगा कि शायद उम्र बढ़ने या लाइफस्टाइल में बदलाव की वजह से ऐसा हो रहा है। उनके लिए कैंसर उस वक्त सबसे आखिरी चीज थी, जिसके बारे में उन्होंने सोचा हो। इसी वजह से वह इन संकेतों को लगातार नजरअंदाज करती रहीं।

जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हुआ, तब अस्पताल पहुंचीं
समय बीतने के साथ उनकी परेशानी बढ़ती गई। आखिरकार एक वक्त ऐसा आया जब दर्द इतना ज्यादा हो गया कि उसे सहना मुश्किल हो गया। तब मनीषा ने अपने भाई से कहा कि उन्हें अस्पताल ले जाया जाए और उनकी जांच कराई जाए, क्योंकि उन्हें महसूस हो रहा था कि शरीर में कुछ ठीक नहीं है। इसके बाद जब डॉक्टरों ने जरूरी जांच और टेस्ट किए, तो सामने आई रिपोर्ट ने मनीषा और उनके परिवार को हिलाकर रख दिया। उन्हें एडवांस्ड स्टेज का ओवेरियन कैंसर था। मनीषा के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी। इसके बाद उनके इलाज का लंबा और चुनौतीपूर्ण दौर शुरू हुआ।
11 घंटे तक चला ऑपरेशन, फिर शुरू हुई कीमोथेरेपी
कैंसर की पुष्टि होने के बाद मनीषा ने डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक इलाज शुरू कराया। उनकी सर्जरी करीब 11 घंटे तक चली। इसके बाद उन्हें कीमोथेरेपी से भी गुजरना पड़ा। कैंसर के इलाज के दौरान उन्हें कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। इलाज के दौरान उनके शरीर ने थेरेपी का बेहतर तरीके से जवाब दिया। लगातार इलाज और डॉक्टरों की निगरानी के बाद उनकी स्थिति में सुधार आने लगा। साल 2013 में मनीषा को कैंसर से मुक्त घोषित किया गया। इसके बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को एक नए नजरिए से देखना शुरू किया और कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने की दिशा में भी काम किया।
क्या होता है ओवेरियन कैंसर
ओवेरियन कैंसर को हिंदी में अंडाशय का कैंसर कहा जाता है। महिलाओं के प्रजनन तंत्र का अहम हिस्सा ओवरी यानी अंडाशय होता है। जब ओवरी में कैंसर कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो इसे ओवेरियन कैंसर कहा जाता है। इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षण कई बार सामान्य पेट या पाचन संबंधी समस्याओं जैसे लग सकते हैं। यही वजह है कि कुछ महिलाएं इन्हें गंभीरता से नहीं लेतीं और डॉक्टर से जांच कराने में देर हो जाती है। मनीषा कोइराला की कहानी भी इसी बात की ओर ध्यान दिलाती है कि शरीर में लगातार बने रहने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है
ओवेरियन कैंसर के लक्षण हर महिला में एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है। हालांकि, कुछ ऐसे संकेत हैं जो लगातार बने रहें या बार-बार दिखाई दें तो उन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
पेट के निचले हिस्से में दर्द
पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार दर्द या असहजता महसूस होना ओवेरियन कैंसर से जुड़े संभावित लक्षणों में शामिल हो सकता है। अगर दर्द बार-बार हो रहा है और इसकी कोई स्पष्ट वजह समझ नहीं आ रही, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
बार-बार पेट फूलना
कभी-कभी गैस या अपच की वजह से पेट फूलना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर पेट अक्सर फूला हुआ रहता है या यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेट का आकार बढ़ना
पेट का असामान्य रूप से बाहर निकलना या पेट के आकार में लगातार बदलाव भी ध्यान देने वाला संकेत हो सकता है। खासकर तब, जब इसके पीछे वजन बढ़ने जैसी कोई स्पष्ट वजह न हो।
लगातार थकान महसूस होना
बिना ज्यादा काम किए भी लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
सेक्स के दौरान दर्द
सेक्स के दौरान दर्द या असहजता को भी सामान्य मानकर लगातार टालना ठीक नहीं है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, इसलिए ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर से बात करना जरूरी है।
बिना वजह वजन कम होना
अगर डाइट या एक्सरसाइज में कोई खास बदलाव किए बिना वजन तेजी से कम हो रहा है, तो इसकी जांच करानी चाहिए। अचानक वजन कम होना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।
असामान्य वैजाइनल ब्लीडिंग
पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग या सामान्य से अलग तरह का वैजाइनल ब्लीडिंग पैटर्न दिखे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कब्ज या दस्त की समस्या
बार-बार कब्ज, दस्त या पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां भी ओवेरियन कैंसर के संभावित लक्षणों में शामिल हो सकती हैं। खासतौर पर जब ये समस्याएं लगातार बनी रहें और सामान्य इलाज से ठीक न हों।
शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें
मनीषा कोइराला की कैंसर जर्नी इस बात की याद दिलाती है कि शरीर में होने वाले लगातार बदलावों को सिर्फ उम्र, तनाव या लाइफस्टाइल का असर मानकर टालना सही नहीं है। पेट फूलना, पेट में दर्द, असामान्य ब्लीडिंग, बिना वजह वजन घटना या लगातार थकान जैसी समस्याएं कई सामान्य कारणों से भी हो सकती हैं, लेकिन अगर ये बार-बार हो रही हैं या लंबे समय तक बनी हुई हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण कई बार सामान्य समस्याओं जैसे दिखाई दे सकते हैं। इसलिए किसी भी लक्षण को देखकर खुद से कैंसर का निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना ही सही तरीका है। समय पर जांच और सही इलाज कई गंभीर बीमारियों के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।