
नारी डेस्क : भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की तिथि 4 सितंबर यानी आज अर्धरात्रि में 2 बजकर 25 मिनट पर शुरू हो चुकी है, जो कि 5 सितंबर की रात 12 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी। आज श्रीकृष्ण की पूजा का मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से लेकर 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, जिसके लिए कुल 45 मिनट मिलेंगे। इसी अवधि में लड्डू गोपाल का जन्म होगा और जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए रोहिणी नक्षत्र, अर्धरात्रि में 12 बजकर 29 मिनट पर लग चुका है और इसका समापन आज रात 11 बजकर 4 मिनट पर होगा।
कृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण की पूजा कैसे करें
इस दौरान लड्डू गोपाल को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र, मुकुट, मोरपंख और चंदन से श्रृंगार करें। उन्हें झूले में विराजमान कर माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, पंचामृत और फलों का भोग लगाएं। भोग में तुलसी दल अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। इसके बाद आरती कर प्रसाद बांटें।

इन दिव्य मंत्रों का करें जाप
कृं कृष्णाय नमः
ॐ कृष्णाय नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय नमः
कृष्ण जन्माष्टमी उपाय
सुख-समृद्धि के लिए जन्मोत्सव के बाद केसर मिले दूध से लड्डू गोपाल का अभिषेक करें।
धन लाभ के लिए श्रीकृष्ण को पान का पत्ता अर्पित करें और अगले दिन उस पर रोली से श्रीयंत्र बनाकर तिजोरी या पर्स में रखें।
वास्तु दोष दूर करने के लिए बांसुरी भगवान कृष्ण को अर्पित कर अगले दिन घर की पूर्व दीवार पर तिरछी लगाएं।
संतान सुख के लिए गाय-बछड़े की तस्वीर लाएं और कान्हा को माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
विवाह में बाधा आए तो भगवान कृष्ण को हल्दी लगाकर उसी हल्दी का तिलक माथे पर लगाएं।
घर में शांति लाने के लिए मंदिर में मोरपंख अर्पित करें।
आय में वृद्धि के लिए श्रीकृष्ण को 5 मोरपंख और चांदी की बांसुरी अर्पित करें। बाद में बांसुरी को पर्स में रखें।