नारी डेस्क : कई बार बिना किसी चोट या ज्यादा मेहनत के भी पैरों में अचानक दर्द, ऐंठन, खिंचाव या झनझनाहट होने लगती है। आमतौर पर इसे थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है तो इसके पीछे शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी समेत कई अन्य कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहने से भी पैरों में दर्द और ऐंठन हो सकती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि पैर दर्द की वजह क्या है और कब इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विटामिन D की कमी
विटामिन D हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों में कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत हो सकती है। पैरों, कमर या पीठ में दर्द भी महसूस हो सकता है। विटामिन D की कमी का पता ब्लड टेस्ट से लगाया जा सकता है। अगर कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर आपकी जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट या डाइट में बदलाव की सलाह दे सकते हैं।

कैल्शियम की कमी से हो सकती है ऐंठन
कैल्शियम को आमतौर पर हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए भी महत्वपूर्ण है। शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने पर कुछ लोगों को मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव की समस्या हो सकती है। डाइट में दूध, दही, पनीर, तिल और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। अगर कैल्शियम की कमी का संदेह हो, तो डॉक्टर की सलाह से जांच कराना बेहतर है।
विटामिन B12 की कमी से पैरों में झनझनाहट
विटामिन B12 की कमी का असर नसों पर पड़ सकता है। इसके कारण हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, जलन या कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को चलने में भी परेशानी महसूस हो सकती है। अगर पैरों में लगातार सुन्नपन या झनझनाहट हो रही है, तो B12 समेत अन्य संभावित कारणों की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सिर्फ विटामिन की कमी नहीं हो सकता कारण
पैरों में अचानक या लगातार दर्द होने के पीछे मांसपेशियों पर अधिक दबाव, नसों से जुड़ी समस्या, ब्लड सर्कुलेशन की दिक्कत, चोट या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए बार-बार होने वाले दर्द का खुद से इलाजकरने के बजाय कारण पता करना जरूरी है।
संतुलित डाइट से रखें शरीर को स्वस्थ
शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें। डाइट में हरी सब्जियां, दालें, दूध-दही, पनीर, अंडे, फल, साबुत अनाज, नट्स और बीज शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ पर्याप्त पानी पिएं और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि करें।

ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर पैर का दर्द बार-बार हो रहा है, लगातार बना रहता है, रात में ज्यादा बढ़ता है या उसके साथ सुन्नपन, कमजोरी, सूजन, लालिमा या चलने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। बिना जांच के विटामिन या मिनरल सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ब्लड टेस्ट के जरिए कमी का पता लगाकर उचित उपचार बता सकते हैं।