नारी डेस्क: कई बार पैरों में दर्द होने के लिए न तो ज्यादा चलना जरूरी है और न ही कोई चोट लगना। फिर भी पैरों में दर्द, खिंचाव या अचानक ऐंठन शुरू हो जाती है। कुछ लोगों को यह परेशानी दिनभर महसूस होती है, जबकि कुछ लोगों के पैर रात में अचानक तेज दर्द या क्रैंप से जकड़ जाते हैं। ऐसे दर्द को हर बार थकान समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। इसके पीछे मांसपेशियों की परेशानी के अलावा ब्लड सर्कुलेशन, नसों, जोड़ों या शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। एमबीबीएस डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके ने पैरों में दर्द के कुछ संभावित कारणों के बारे में जानकारी दी है।
खराब ब्लड सर्कुलेशन भी हो सकता है कारण
पैरों में दर्द या भारीपन की एक वजह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक न होना भी हो सकती है। जब पैरों तक खून का प्रवाह प्रभावित होता है, तो कुछ लोगों को दर्द, खिंचाव या भारीपन महसूस हो सकता है। अगर पैरों में दर्द बार-बार हो रहा है या आराम करने के बावजूद ठीक नहीं हो रहा, तो इसे केवल सामान्य थकान मानकर छोड़ना सही नहीं है। लगातार परेशानी रहने पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है, ताकि सही कारण पता लगाया जा सके।

रात में अचानक होने वाली ऐंठन
अगर रात को सोते समय पैर की मांसपेशी अचानक कस जाए और तेज दर्द होने लगे, तो इसे नाइट लेग क्रैंप कहा जाता है। इसमें मांसपेशी अचानक सिकुड़ जाती है और कुछ समय तक काफी दर्द महसूस हो सकता है। ऐसी ऐंठन कुछ समय बाद खुद ठीक हो सकती है, लेकिन अगर यह बार-बार हो रही है या दर्द बहुत ज्यादा रहता है, तो इसके पीछे की वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
विटामिन D या इलेक्ट्रोलाइट की कमी
शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर भी मांसपेशियों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। डॉक्टर के मुताबिक, विटामिन D या इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी कुछ लोगों में पैरों के दर्द या ऐंठन की वजह बन सकती है।
इलेक्ट्रोलाइट्स में सोडियम, पोटैशियम और दूसरे जरूरी मिनरल्स शामिल होते हैं, जो शरीर में कई अहम काम करते हैं। हालांकि, केवल पैरों में दर्द होने के आधार पर किसी एक विटामिन या मिनरल की कमी मान लेना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच के बाद इसका पता लगा सकते हैं।
एक पैर में अचानक दर्द और सूजन हो तो सावधान
अगर अचानक एक ही पैर में दर्द के साथ सूजन, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, तो इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कभी-कभी ये DVT यानी डीप वेन थ्रोम्बोसिस के संकेत हो सकते हैं। इसमें नस के अंदर खून का थक्का बन सकता है। ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें, खासकर अगर एक पैर दूसरे की तुलना में ज्यादा सूजा हुआ या गर्म लगे, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। अचानक सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण भी साथ हों तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

कुछ दवाओं की वजह से भी हो सकता है दर्द
कुछ मामलों में लंबे समय तक ली जा रही दवाओं के कारण भी मांसपेशियों में दर्द या क्रैंप जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए अगर किसी दवा को शुरू करने के बाद पैरों में दर्द बढ़ा है या लंबे समय से दवा लेने के दौरान यह समस्या शुरू हुई है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें। अपनी तरफ से कोई दवा बंद करना या बदलना सही नहीं है। डॉक्टर आपकी दवाओं और लक्षणों को देखकर तय कर सकते हैं कि दर्द का संबंध दवा से है या किसी दूसरी समस्या से।
पैरों के दर्द को सिर्फ थकान समझकर न छोड़ें
हर बार पैरों में दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कई बार ज्यादा देर खड़े रहने, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने, मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ने या सामान्य क्रैंप की वजह से भी दर्द हो सकता है। लेकिन अगर दर्द बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार हो रहा है, लगातार बना हुआ है या उसके साथ सूजन, लालिमा, कमजोरी या दूसरे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ दर्द दबाने के लिए बार-बार पेनकिलर लेने के बजाय उसके कारण को समझने की कोशिश करें। सही कारण पता चलने पर ही उचित इलाज किया जा सकता है।