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हार्ट के मरीजों को कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया सही वर्कआउट

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 15 Sep, 2026 12:49 PM
हार्ट के मरीजों को कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया सही वर्कआउट

 नारी डेस्क:  एक्सरसाइज शरीर को फिट रखने के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी जरूरी मानी जाती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को हार्ट से जुड़ी बीमारी है तो बिना सोचे-समझे कोई भी वर्कआउट शुरू करना सही नहीं है। कुछ एक्सरसाइज दिल पर अचानक ज्यादा दबाव डाल सकती हैं। ऐसे में हार्ट के मरीजों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके लिए किस तरह की एक्सरसाइज सुरक्षित और फायदेमंद हो सकती है।  हार्ट के मरीजों को अपनी क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार वर्कआउट चुनना चाहिए।

हार्ट के मरीजों के लिए कैसी एक्सरसाइज बेहतर?

हार्ट की बीमारी वाले लोगों के लिए आमतौर पर हल्की से मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती हैं। इनमें वॉकिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग और डांसिंग जैसी एक्टिविटीज शामिल हैं। इन एक्सरसाइज से शरीर एक्टिव रहता है और नियमित रूप से करने पर कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर मरीज की स्थिति एक जैसी नहीं होती। इसलिए कितनी देर और कितनी तेजी से एक्सरसाइज करनी है, यह डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करना चाहिए।

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वॉकिंग को बनाएं रूटीन का हिस्सा

हार्ट के मरीजों के लिए वॉकिंग एक आसान एक्सरसाइज हो सकती है। शुरुआत धीरे-धीरे की जा सकती है और शरीर की क्षमता के अनुसार समय और गति बढ़ाई जा सकती है। नियमित वॉकिंग से शरीर की एक्टिविटी बढ़ती है और फिटनेस को बनाए रखने में मदद मिलती है। अगर चलते समय सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर या असामान्य थकान महसूस हो तो एक्सरसाइज रोककर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

साइकिलिंग और स्विमिंग भी विकल्प

साइकिलिंग और स्विमिंग भी एरोबिक एक्सरसाइज में आती हैं। इन्हें सही तरीके और अपनी क्षमता के अनुसार किया जाए तो ये शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकती हैं। लेकिन हार्ट पेशेंट को शुरुआत हमेशा अपनी मौजूदा फिटनेस और मेडिकल कंडीशन को ध्यान में रखकर करनी चाहिए। खासकर जिन लोगों को हाल ही में हार्ट अटैक हुआ है, हार्ट सर्जरी हुई है या गंभीर हृदय संबंधी बीमारी है, उन्हें खुद से एक्सरसाइज शुरू नहीं करनी चाहिए।

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डांसिंग और योग भी कर सकते हैं

डांसिंग भी एक तरह की एरोबिक एक्टिविटी है। हल्की गति से डांस करना कुछ लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसी तरह योग को भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, बहुत कठिन योगासन या लंबे समय तक सांस रोकने वाली एक्सरसाइज बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करनी चाहिए।

क्या मसल्स स्ट्रेंथ एक्सरसाइज से बचना चाहिए?

वेट लिफ्टिंग, पुशअप्स और स्क्वाट्स जैसी स्ट्रेंथ एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हार्ट के मरीजों के लिए हर तरह की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पूरी तरह मना है। दरअसल, हार्ट की बीमारी वाले कुछ लोग डॉक्टर या कार्डियक रिहैबिलिटेशन एक्सपर्ट की निगरानी में हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर सकते हैं। समस्या तब हो सकती है जब व्यक्ति अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाए या बहुत ज्यादा जोर लगाए। इससे ब्लड प्रेशर पर अचानक असर पड़ सकता है। इसलिए अगर आप हार्ट पेशेंट हैं और वेट ट्रेनिंग या पुशअप्स जैसी एक्सरसाइज करना चाहते हैं तो पहले अपने कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।

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हार्ट के मरीज एक्सरसाइज करते समय रखें इन बातों का ध्यान

हार्ट पेशेंट के लिए एक्सरसाइज का मकसद शरीर को थकाना नहीं, बल्कि धीरे-धीरे फिटनेस को बेहतर करना होना चाहिए। वर्कआउट से पहले वार्मअप और बाद में कूल-डाउन करना फायदेमंद रहता है। बहुत ज्यादा तेज एक्सरसाइज करने या अचानक भारी वर्कआउट शुरू करने से बचें। अगर एक्सरसाइज के दौरान सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में ज्यादा परेशानी, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना या दिल की धड़कन असामान्य लगना शुरू हो तो तुरंत रुक जाएं और जरूरत पड़ने पर मेडिकल मदद लें।

Disclaimer- इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है।  कोई भी नया एक्सरसाइज या फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
  
 

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