
नारी डेस्क: बुखार आते ही शरीर टूटने लगता है। किसी को ठंड और कंपकंपी महसूस होती है तो किसी को तेज गर्मी लगने लगती है। ऐसे में कई लोगों का मानना होता है कि नहाने से शरीर का तापमान कम हो जाएगा और मरीज को राहत मिलेगी। लेकिन क्या बुखार में नहाना वाकई सही है? क्या ठंडे पानी से नहाने पर बुखार कम हो सकता है? इन सवालों को लेकर अक्सर लोगों के मन में कंफ्यूजन रहता है। मानसून के मौसम में वायरल फीवर के मामले भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में बुखार के दौरान नहाने से पहले यह समझना जरूरी है कि मरीज की हालत कैसी है और पानी का तापमान कितना है। एक्सपर्ट के मुताबिक, बुखार में नहाना पूरी तरह से मना नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां रखना जरूरी है।
क्या बुखार में नहा सकते हैं?
पारस हेल्थ, गुरुग्राम के इंटरनल मेडिसिन के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. आर.आर. दत्ता के मुताबिक, बुखार के दौरान नहाया जा सकता है, लेकिन शरीर की स्थिति और पानी के तापमान का ध्यान रखना चाहिए। अगर बुखार हल्का है और मरीज को चक्कर, तेज कंपकंपी या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस नहीं हो रही है, तो थोड़ी देर के लिए गुनगुने पानी से नहाया जा सकता है। इससे शरीर को आराम मिल सकता है और फ्रेश महसूस हो सकता है।

ठंडे या बहुत गर्म पानी से न नहाएं
बुखार में बहुत ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए। अचानक ठंडे पानी के संपर्क में आने से कंपकंपी बढ़ सकती है और शरीर को तापमान में अचानक बदलाव झेलना पड़ सकता है। इसी तरह बहुत गर्म पानी से नहाना भी सही नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान गुनगुना पानी बेहतर विकल्प हो सकता है।
बुखार में नहाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बुखार के दौरान शरीर को आराम और पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। इसलिए लंबे समय तक बाथरूम में रहने या देर तक नहाने से बचें। अगर नहाना है तो जल्दी नहाकर बाहर आ जाएं। नहाने के बाद शरीर को तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं और गीले बाल या गीले कपड़ों में ज्यादा देर न रहें। इसके बाद आराम करें और शरीर को पर्याप्त समय दें। अगर नहाते समय चक्कर, ज्यादा कमजोरी या कंपकंपी महसूस होने लगे तो तुरंत नहाना बंद कर दें और आराम करें।

इन लक्षणों में नहाने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें
हर बुखार को सिर्फ नहाने या घरेलू उपायों से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, भ्रम या बेहोशी जैसा महसूस होना, तेज सिरदर्द या गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसी स्थिति में केवल शरीर का तापमान कम करने पर ध्यान देने के बजाय बुखार की असली वजह पता करना ज्यादा जरूरी है।
बुखार में नहाना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन यह बुखार का इलाज नहीं है। हल्के बुखार में, अगर शरीर साथ दे रहा है, तो गुनगुने पानी से थोड़ी देर नहाया जा सकता है। वहीं तेज कमजोरी, कंपकंपी या गंभीर लक्षण होने पर आराम करना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।