नारी डेस्क : गर्मागर्म रोटी और ऊपर से एक चम्मच घी... भारतीय खाने में इसका स्वाद ही अलग होता है। बहुत से घरों में आज भी रोटी पर घी लगाकर खाना रोज के खाने का हिस्सा है। घी का सीमित मात्रा में सेवन संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन अगर हर रोटी को घी में भिगोकर खाने की आदत बन गई है, तो इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।दरअसल, घी में फैट और कैलोरी काफी होती है। ऐसे में अगर रोटी के साथ ज्यादा घी लिया जाए और दिनभर के बाकी खाने में भी तेल, मक्खन, क्रीम या दूसरे फैट वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा हों, तो शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी और सैचुरेटेड फैट मिल सकता है। लंबे समय तक ऐसा खान-पान वजन और दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है।
ज्यादा घी खाने से बढ़ सकता है सैचुरेटेड फैट
घी में सैचुरेटेड फैट पाया जाता है। शरीर को कुछ मात्रा में फैट की जरूरत होती है, लेकिन डाइट में सैचुरेटेड फैट लगातार ज्यादा रहने पर यह सेहत के लिए चिंता का कारण बन सकता है। अगर आप हर रोटी पर काफी मात्रा में घी लगाते हैं और इसके अलावा सब्जी, दाल या दूसरी चीजों में भी तेल और मक्खन का इस्तेमाल ज्यादा होता है, तो पूरे दिन में फैट की मात्रा काफी बढ़ सकती है। इसलिए रोटी पर स्वाद के लिए थोड़ा घी लगाना और उसे पूरी तरह घी से भिगो देना, दोनों में काफी अंतर है।

दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है असर
डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा लंबे समय तक ज्यादा रहने पर कुछ लोगों में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। बढ़ा हुआ LDL धमनियों में प्लाक जमा होने और हृदय रोग के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं है कि घी खाते ही दिल की बीमारी हो जाएगी। असली बात आपकी पूरी डाइट, शारीरिक गतिविधि, वजन और दूसरे स्वास्थ्य कारकों पर निर्भर करती है। लेकिन अगर पहले से ही डाइट में फैट की मात्रा ज्यादा है, तो घी की मात्रा पर ध्यान देना समझदारी है।
वजन बढ़ने की वजह भी बन सकता है ज्यादा घी
घी कैलोरी से भरपूर होता है। इसलिए रोटी पर बार-बार ज्यादा घी लगाने से खाने की कुल कैलोरी तेजी से बढ़ सकती है। अगर लंबे समय तक शरीर जितनी ऊर्जा खर्च करता है, उससे ज्यादा कैलोरी भोजन के जरिए मिलती रहें, तो वजन बढ़ सकता है। खासकर ऐसे लोगों को घी की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए जो पहले से वजन कम करने या वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, केवल घी को वजन बढ़ने का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता। पूरे दिन की डाइट और एक्सरसाइज भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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क्या घी पूरी तरह छोड़ देना चाहिए
नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। घी को पूरी तरह डाइट से हटाने की जरूरत नहीं होती। अगर आपकी बाकी डाइट संतुलित है और आप घी सीमित मात्रा में लेते हैं, तो इसे खाने का हिस्सा बनाया जा सकता है। समस्या तब ज्यादा होती है जब घी की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो और साथ में तेल, मक्खन, क्रीम, तले हुए खाद्य पदार्थ या दूसरे फैट वाले भोजन भी खूब खाए जाएं। इसलिए रोटी पर हल्की परत में घी लगाना, उसे इतना ज्यादा लगाने से बेहतर विकल्प है कि रोटी पूरी तरह घी से भीग जाए।

कितनी मात्रा में घी खाना सही है
घी की कोई एक मात्रा हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकती। आपकी उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य और पूरी डाइट के आधार पर फैट की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। अगर दिनभर के खाने में पहले से तेल, मक्खन, क्रीम, पनीर, तले हुए खाद्य पदार्थ या अन्य फैट वाले भोजन शामिल हैं, तो घी की मात्रा कम रखना बेहतर हो सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि घी को अलग से ज्यादा खाने के बजाय अपनी पूरी डाइट में कुल फैट की मात्रा पर ध्यान दें।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए
जिन लोगों का LDL कोलेस्ट्रॉल पहले से बढ़ा हुआ है, वजन ज्यादा है या डॉक्टर ने सैचुरेटेड फैट कम करने की सलाह दी है, उन्हें अपनी डाइट में घी की मात्रा को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए। ऐसे लोगों के लिए अपनी डाइट में कितना घी या अन्य फैट शामिल करना सही रहेगा, यह डॉक्टर या डाइटिशियन से व्यक्तिगत सलाह लेकर तय करना बेहतर है।
रोटी पर थोड़ा घी लगाकर खाना अपने आप में कोई गलत आदत नहीं है। परेशानी तब हो सकती है जब घी की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो और यह रोज की डाइट में अतिरिक्त कैलोरी और सैचुरेटेड फैट का बड़ा स्रोत बन जाए। इसलिए घी पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं, बस इसकी मात्रा का ध्यान रखें। साथ ही संतुलित खाना, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और पूरी डाइट पर नजर रखना दिल और वजन दोनों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।