नारी डेस्क : होठों के आसपास अचानक छोटे-छोटे लाल दाने या पानी से भरे फफोले निकल आएं और उनमें जलन, खुजली या दर्द महसूस हो, तो इसे सिर्फ सामान्य छाला समझकर नजरअंदाज न करें। यह कोल्ड सोर्स यानी फीवर ब्लिस्टर हो सकता है। यह एक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (HSV-1) के कारण होता है। कोल्ड सोर्स ज्यादातर होठों के आसपास दिखाई देता है, लेकिन यह नाक के आसपास, गाल या चेहरे के दूसरे हिस्सों में भी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में यह कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि, कुछ लोगों में यह बार-बार भी हो सकता है।
क्या होता है कोल्ड सोर्स?
कोल्ड सोर्स को फीवर ब्लिस्टर (Fever Blister) या हर्पीज लैबियलिस (Herpes Labialis) भी कहा जाता है। इसमें आमतौर पर होठों के आसपास छोटे-छोटे, तरल पदार्थ से भरे फफोले बनते हैं। कुछ समय बाद ये फफोले फूट सकते हैं और वहां पपड़ी बन सकती है। आमतौर पर यह संक्रमण 2 से 3 सप्ताह में ठीक हो जाता है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों में वायरस मौजूद होने के बावजूद कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।

कोल्ड सोर्स क्यों होता है?
कोल्ड सोर्स का मुख्य कारण हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस (HSV) है। ज्यादातर मामलों में HSV-1 इसका कारण होता है, हालांकि HSV-2 भी मुंह के आसपास संक्रमण पैदा कर सकता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के साथ नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। खासतौर पर संक्रमित व्यक्ति को किस करने या त्वचा से सीधे संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा रहता है। फफोले मौजूद होने पर संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन बिना दिखाई देने वाले घाव के भी वायरस फैल सकता है। इसलिए कोल्ड सोर्स होने पर लिप बाम, तौलिया, कप, बर्तन या अन्य निजी चीजें शेयर करने से बचना चाहिए।
एक बार ठीक होने के बाद दोबारा क्यों होता है?
कोल्ड सोर्स ठीक होने के बाद भी वायरस शरीर से पूरी तरह खत्म नहीं होता। यह नसों की कोशिकाओं में निष्क्रिय अवस्था में रह सकता है और कुछ परिस्थितियों में दोबारा सक्रिय होकर फफोले पैदा कर सकता है।
कुछ लोगों में बार-बार कोल्ड सोर्स होने के पीछे ये ट्रिगर हो सकते हैं
ज्यादा तनाव, थकान या नींद की कमी होना।
त्वचा पर चोट, बुखार या वायरल संक्रमण
तेज धूप, ठंडी या तेज हवा
हार्मोनल बदलाव, जैसे माहवारी के दौरान होने वाले बदलाव
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव
हालांकि, हर व्यक्ति में ट्रिगर अलग हो सकता है।

कोल्ड सोर्स के लक्षण क्या हैं?
कोल्ड सोर्स दिखाई देने से पहले ही कुछ लोगों को उस जगह पर लक्षण महसूस होने लगते हैं। इनमें जलन, खुजली या झुनझुनी शामिल हो सकती है।
इसके बाद छोटे और दर्दनाक फफोले दिखाई दे सकते हैं।
इसके अलावा खासकर पहली बार संक्रमण होने पर कुछ लोगों में
होठों के आसपास पानी से भरे छोटे फफोले
दर्द या जलन, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द
बुखार और गले में खराश होना।
मसूड़ों में दर्द, गर्दन या आसपास की लसीका ग्रंथियों में सूजन
जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
कोल्ड सोर्स का पता कैसे चलता है?
अधिकतर मामलों में डॉक्टर फफोलों और लक्षणों को देखकर ही कोल्ड सोर्स की पहचान कर लेते हैं। अगर स्थिति स्पष्ट न हो या किसी दूसरे संक्रमण की आशंका हो, तो डॉक्टर फफोले से सैंपल लेकर लैब टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इसलिए हर बार खून की जांच या बायोप्सी जरूरी हो, ऐसा नहीं है।
कोल्ड सोर्स का इलाज कैसे होता है?
ज्यादातर कोल्ड सोर्स बिना किसी खास इलाज के कुछ समय में ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर लक्षण ज्यादा परेशान कर रहे हों, संक्रमण बार-बार होता हो या डॉक्टर को जरूरत लगे, तो एंटीवायरल दवाएं दी जा सकती हैं। डॉक्टर जरूरत के अनुसार acyclovir, valacyclovir, famciclovir या penciclovir जैसी एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए। कुछ दवाएं क्रीम के रूप में और कुछ टैबलेट के रूप में दी जाती हैं।

दर्द और जलन से राहत के लिए क्या करें?
कोल्ड सोर्स के दौरान कुछ आसान उपाय असहजता कम करने में मदद कर सकते हैं
ठंडी और गीली पट्टी कुछ देर प्रभावित जगह पर रखें।
होंठों को ज्यादा सूखने और फटने से बचाएं।
धूप से बचने के लिए SPF वाला लिप बाम इस्तेमाल किया जा सकता है।
दर्द ज्यादा होने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से दर्द की दवा ली जा सकती है।
फफोले को बार-बार छूने या फोड़ने से बचें।
कोल्ड सोर्स को फैलने से कैसे रोकें?
अगर होठों पर कोल्ड सोर्स है, तो संक्रमण दूसरों तक पहुंचने से रोकने के लिए सावधानी जरूरी है।
फफोले रहने तक किस करने से बचें।
लिप बाम, तौलिया, कप और बर्तन शेयर न करें।
प्रभावित जगह को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
आंखों को बिना हाथ धोए न छुएं।
कोल्ड सोर्स के दौरान ओरल सेक्स से बचें, क्योंकि HSV-1 जननांगों तक भी पहुंच सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
ज्यादातर मामलों में कोल्ड सोर्स गंभीर समस्या नहीं होता। लेकिन अगर घाव दो सप्ताह से ज्यादा समय तक ठीक न हो, बार-बार हो रहा हो, बहुत ज्यादा दर्द या गंभीर लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लें। अगर कोल्ड सोर्स आंख के आसपास हो या आंख में दर्द, जलन अथवा किरकिरापन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि HSV आंखों को भी प्रभावित कर सकता है और गंभीर मामलों में दृष्टि पर असर पड़ सकता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में भी संक्रमण गंभीर हो सकता है, इसलिए उन्हें लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जल्दी संपर्क करना चाहिए।
नोट: ज्यादातर मामलों में कोल्ड सोर्स अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन बार-बार होने या गंभीर लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। साथ ही, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए फफोले रहने के दौरान किस करने और निजी सामान शेयर करने से बचना चाहिए।