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बार-बार हो रही खांसी? आजमाएं नानी मां का नुस्खा, जानें कैसे मिलेगा आराम

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 16 Sep, 2026 02:31 PM
बार-बार हो रही खांसी? आजमाएं नानी मां का नुस्खा, जानें कैसे मिलेगा आराम

 नारी डेस्क:  मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, गले में खराश और खांसी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे में घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर लौंग का नुस्खा आजमाने की सलाह देते हैं। लौंग का इस्तेमाल लंबे समय से गले की परेशानी और सर्दी-जुकाम में किया जाता रहा है। इसे चाय, गर्म पानी या दूसरे घरेलू तरीकों से लिया जाता है। हालांकि, लौंग खांसी को ठीक करने की दवा नहीं है, लेकिन गले की जलन और असहजता में कुछ लोगों को इससे थोड़ी राहत मिल सकती है।

खांसी में कैसे मदद कर सकती है लौंग?

लौंग में Eugenol नाम का एक प्रमुख कंपाउंड पाया जाता है। एनसीबीआई में उपलब्ध वैज्ञानिक रिव्यू में Eugenol के एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुणों का जिक्र मिलता है। इन्हीं गुणों की वजह से लौंग गले में होने वाली जलन या सूजन को कम करने में कुछ भूमिका निभा सकती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि लौंग के इन गुणों का मतलब यह नहीं है कि यह हर तरह की खांसी का इलाज कर सकती है। खांसी की वजह अलग-अलग हो सकती है और लौंग से मिलने वाली राहत भी हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती।

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सूखी खांसी में कैसे लें लौंग?

सूखी खांसी में बलगम नहीं निकलता, लेकिन गले में खुजली, खराश या जलन महसूस हो सकती है। ऐसे में गर्म पानी से बनी हल्की लौंग की चाय गले को गर्माहट दे सकती है और कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है। इसके लिए 1-2 लौंग लें और उन्हें करीब 1 कप गर्म पानी में डाल दें। इसे कुछ मिनट ढककर रखें और पानी हल्का ठंडा होने के बाद पी सकते हैं। चाय को बहुत गाढ़ा बनाने या ज्यादा लौंग डालने की जरूरत नहीं है।

बलगम वाली खांसी में क्या करें?

बलगम वाली खांसी में शरीर बलगम को बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसलिए हर स्थिति में खांसी को दबाना जरूरी नहीं होता। लौंग को गर्म पानी या हल्की चाय के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन ऐसा कोई मजबूत प्रमाण नहीं है कि इससे फेफड़ों में जमा बलगम साफ हो जाता है। अगर लगातार बलगम बन रहा है, सांस लेने में परेशानी हो रही है, सीने में दर्द है या कई दिनों तक खांसी ठीक नहीं हो रही, तो घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

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लौंग और शहद साथ लेने से क्या फायदा?

लौंग और शहद का इस्तेमाल भी गले की खराश और खांसी में घरेलू नुस्खे के तौर पर किया जाता है। इसमें मिलने वाली राहत का श्रेय सिर्फ लौंग को देना सही नहीं होगा। उपलब्ध शोध में शहद को खांसी और कफ कम करने में मददगार पाया गया है, खासकर बच्चों में किए गए कुछ अध्ययनों में इसका लाभ देखा गया है। लौंग में मौजूद Eugenol के कई संभावित फायदे जरूर हैं, लेकिन खांसी के इलाज के तौर पर इसकी प्रभावशीलता को लेकर मजबूत क्लीनिकल सबूत अभी सीमित हैं। इसलिए हल्की खांसी या गले की खराश में 1-2 लौंग से बनी हल्की चाय या गर्म पानी कुछ लोगों को राहत दे सकता है, लेकिन इसे दवा या इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

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ज्यादा लौंग लेना भी हो सकता है नुकसानदायक

लौंग प्राकृतिक मसाला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे किसी भी मात्रा में लिया जा सकता है। खासतौर पर लौंग के तेल का इस्तेमाल बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा लौंग या उसका तेल नुकसान पहुंचा सकता है। अगर खांसी लगातार बनी हुई है, बहुत ज्यादा हो रही है या इसके साथ सांस फूलना, सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर खांसी की सही वजह पता करना ज्यादा जरूरी है।
  

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