नारी डेस्क: जब हम मसालों के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर काली मिर्च का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी करीबी रिश्तेदार 'लंबी मिर्च' (पाइपर लॉन्गम) का इस्तेमाल सदियों से पारंपरिक दवाओं में किया जा रहा है? उंगली जैसी दिखने वाली यह पतली मिर्च सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है और आपकी सेहत को कई तरह से बेहतर बना सकती है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
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लंबी मिर्च क्या है?
लंबी मिर्च जिसे 'पिप्पली' भी कहा जाता है, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाने वाली एक फूल वाली बेल है। इसका स्वाद हल्का मीठा और तीखा होता है यह काली मिर्च से ज़्यादा तीखी होती है, लेकिन मिर्च (चिली) से कम तीखी होती है। आयुर्वेद और पारंपरिक चीनी चिकित्सा में लंबे समय से इसके औषधीय गुणों के कारण इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
पिप्पली के फायदे
डाइजेशन बढ़ाता है: पिप्पलीडाइजेस्टिव एंजाइम को बढ़ाता है, जिससे आपके शरीर को खाना ज़्यादा अच्छे से पचाने में मदद मिलती है। यह ब्लोटिंग, गैस और इनडाइजेशन इसे राहत दिला सकता है। डाइजेशन को बेहतर बनाने के लिए खाने से पहले एक चुटकी पिपर पाउडर शहद में मिलाएं।
इम्यूनिटी मजबूत करता है: एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर, पिप्पली इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। कॉमन कोल्ड और कफ, रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन, सीजनल एलर्जी में इसका इस्तेमाल किया जाता है। फ्लू के मौसम में अदरक और शहद वाली पिप्पली चाय ट्राई करें।
सांस लेने की परेशानी से राहत: पिप्पली (long pepper) एक नेचुरल एक्सपेक्टोरेंट (बलगम निकालने वाली दवा) की तरह काम करती है, जो बलगम को साफ करती है और सांस लेने में आसानी देती है। यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, पुरानी खांसी की समस्या के लिए फायदेमंद पिप्पली, शहद और गर्म पानी का मिश्रण गले की खराश को ठीक कर सकता है।
दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाती है: रिसर्च से पता चलता है कि पिप्पली दिमाग में ब्लड फ्लो बढ़ाकर याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता (कॉग्निटिव फंक्शन) में सुधार कर सकती है। यह याददाश्त कम होना, मानसिक थकान, तनाव और एंग्जायटी के लिए फायदेमंद है। आराम पाने के लिए सोने से पहले गर्म दूध में एक चुटकी पिप्पली पाउडर मिलाएं।
जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत: इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पिप्पली गठिया (आर्थराइटिस), मांसपेशियों का दर्द, जोड़ों में अकड़न जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद करती है। दर्द वाले जोड़ों पर पिप्पली और तिल के तेल का पेस्ट लगाया जा सकता है।
दिल की सेहत सुधारती है: पिप्पली कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है, जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम होता है। दिल की सेहत के फायदों के लिए सलाद या सूप पर थोड़ा सा पिप्पली पाउडर छिड़कें।
डायबिटीज कंट्रोल करने में भी मददगार: कुछ रिसर्च से पता चलता है कि पिप्पली ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। डायबिटीज के मरीजों को इसके नियमित इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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डाइट में पिप्पली का इस्तेमाल करने के तरीके
पाउडर के रूप में: सूप, चाय या स्मूदी में एक चुटकी मिलाएं।
साबुत सूखी पिप्पली: स्टू में इस्तेमाल करें या पीसकर मसालों के मिश्रण में मिलाएं।
आयुर्वेदिक उपाय: फ़ायदे के लिए इसे शहद, घी या गर्म दूध के साथ मिलाएं।
ध्यान दें: कम मात्रा से शुरुआत करें। ज़्यादा मात्रा से पेट में जलन हो सकती है।