
नारी डेस्क: योनि में होने वाली परेशानी को अक्सर उम्र बढ़ने का एक हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि उम्र एक वजह जरूर है, लेकिन हमेशा यही एकमात्र कारण नहीं होता। गायनेकोलॉजिक ने महिलाओं में योनि दर्द के अन्य संभावित कारणों के बारे में बताया और वजाइना में दर्द का उम्र से क्या कनेक्शन है
क्या होता है वजाइनल एट्रोफी
HT लाइफ़स्टाइल के साथ एक इंटरव्यू में, गायनेकोलॉजिक ने बताया कि जब एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है, खासकर मेनोपॉज़ के बाद, तो योनि की दीवारें पतली और सूखी होने लगती हैं और उनका लचीलापन खत्म हो जाता है। इसे वजाइनल एट्रोफी कहते हैं। इसकी वजह से सेक्स के दौरान या बैठने पर भी जलन, बेचैनी और दर्द हो सकता है। यह समस्या काफी आम है और स्टडीज़ के अनुसार, मेनोपॉज़ के बाद की 10 में से 4 महिलाओं को इसका अनुभव होता है। फिर भी, बहुत कम महिलाएं ही इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करती हैं। गायनेकोलॉजिक का कहना है कि एक्सपर्ट की सलाह से वजाइनल मॉइस्चराइज़र, लोकल एस्ट्रोजन थेरेपी और दूसरी थेरेपी से असल राहत मिल सकती है।
वजाइना में दर्द में उम्र का क्या रोल है?
लेकिन उम्र बढ़ना वजाइना में परेशानी की मुख्य वजह नहीं है और कम उम्र की महिलाएं भी इससे बच नहीं सकतीं। वल्वोडिनिया (Vulvodynia) एक ऐसी लगातार रहने वाली परेशानी है जिसका कोई साफ़ कारण पता नहीं चलता और यह किसी भी उम्र की महिलाओं को हो सकती है, जिसमें 20 और 30 की उम्र की महिलाएं भी शामिल हैं। इसके कारणों में इन्फेक्शन, स्किन की समस्याएं, पेल्विक फ्लोर पर खिंचाव और मानसिक तनाव भी शामिल हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
डॉक्टर को दिखाने से पहले यह ध्यान रखना मददगार होता है कि दर्द कब होता है और कैसा महसूस होता है और क्या यह किसी खास वजह से होता है, जैसे सेक्स या पेशाब करने पर। यह जानकारी जांच-पड़ताल के लिए बहुत काम की होती है। गायनेकोलॉजिक ने समझाया कि वजाइना में परेशानी होना आम बात है, महिला चाहे 28 साल की हो या 68 साल की, आराम और जीवन की क्वालिटी मायने रखती है, और लगभग हमेशा ही कोई न कोई उपाय होता है जिससे मदद मिल सकती है।
नोट: यह लेख सिर्फ़ जानकारी देने के मकसद से है । किसी भी बीमारी का खुद से इलाज करने से बेहतर पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प लें।