नारी डेस्क : बी-टाउन में भी ऐसे बहुत से सितारे हैं जो अपने सीने में कई तरह के दुख दबाए हुए है। शेखर सुमन की लाइफ में भी कुछ ऐसा हुआ था जिसे वह कभी भूल नहीं पाए थे। शेखर सुमन का कहना है कि वो रोज अपने मरे बेटे से बात करते हैं। उन्हें दिवंगत बेटे की आवाज आज भी सुनाई देती है और उन्हें यकीन है कि वो उनके पोते के रूप में वापस आएगा। शेखर सुमन ने अपने शो ‘शेखर टूनाइट’ के दौरान कई इंटरव्यूज दिए, जिनमें उन्होंने अपने शो, राजनीति और परिवार से जुड़ी कई बातें की। इसी बीच शेखर सुमन ने अपने बड़े बेटे आयुष की मौत और उससे जुड़ी भविष्यवाणी के बारे में बताया। शेखर सुमन ने उस समय को याद किया और एक्टर काफी भावुक दिखाई दिए।

साल 1995 में शेखर सुमन के बेटे आयुष की मौत हो गई थी, उस समय आयुष की उम्र सिर्फ 11 साल की थी। उनकी मौत की वजह दिल की एक दुर्लभ बीमारी थी। लेहरें रेट्रो के साथ शेखर सुमन का इंटरव्यू सामने आया, जिसमें उनके बड़े बेटे की मौत और बीमारी से जुड़ा सवाल पूछा गया। जवाब में शेखर सुमन ने बताया कि मुंबई में जांच के बाद पता लगा था कि उनके बेटे को कार्डियक फाइब्रोसिस हैं। शेखर का कहना था कि वो उस समय के बारे में बात नहीं करते हैं। वो और उनकी पत्नी काफी मुश्किल से अपने आप को संभाल पाए थे और वो कभी उस दर्द से बाहर नहीं निकल पाएंगे।
शेखर ने कहा कि ‘हम हर रोज उससे बात करते हैं और उसके बारे में बात करते हैं। उससे और उसकी तस्वीरों से बातें करते हैं।’ एक्टर से पूछा गया कि क्या वो अपने आस पास आज भी उसकी मौजूदगी महसूस करते हैं तो इस बात पर शेखर ने हामी भरी और कहा कि ‘उन्हें लगता है कि वो अध्ययन का बेबी बनकर वापस आएगा। एक शख्स ने इस बात की भविष्यवाणी भी की और मुझे यकीन है कि ऐसा होगा भी। मैं रोज उससे बात करता हूं, वो भले ही यहां फिजिकल फॉर्म में ना हो, लेकिन मुझे उसकी आवाज रोज सुनाई देती है।’

अपनी पत्नी अल्का के साथ हुए एक किस्से को कॉमेडियन ने साझा किया। शेखर ने बताया कि वो चुनाव प्रचार में बिजी थे और उनकी पत्नी अल्का बाबा विश्वनाथ के मंदिर गई थी। मुझे फोन पर उन्होंने बताया कि पता है क्या हुआ, वो घबरा रहीं थीं। मैंने तुरंत कहा कि आयुष से मिली। अल्का ने बताया कि वो मंदिर से निकल रही थी, इतने में उन्हें आवाज आई, ‘दे दो, दे दो।’ अल्का के पैसे देने बाद उस बच्चे ने कहा- इतने से मेरा क्या होगा। इस बात पर अल्का को याद आया कि जब आयुष बीमार था और हम उसे खाना देते थे, तो वो यही कहता था कि इतने से मेरा क्या होगा।
बिल्कुल उसी आवाज में अल्का ने वो सुना और जैसे ही वो सारे पैसे देने के लिए मुड़ी तो वहां कोई नहीं था। शेखर ने ये भी कहा कि उन्हें पंडित ने कहा था कि वो अल्का को एक बार दर्शन जरूर देगा और ऐसा हुआ तो मुझे यकीन है कि वो जरूर आएगा। वो ईश्वर के पास है। बता दें कि साल 1989 में शेखर सुमन को अपेन बेटे आयुष की बीमारी के बारे में पता चला था, इस बारे में सबसे पहले उनके पिता ने ध्यान दिया था कि उसका लिवर का साइज बड़ा है। शेखर सुमन बताते है कि ये जानने के बाद उनका बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि ऐसा बिलियन लोगों में से किसी एक के साथ होता है। ये जानने के बाद उनके पिता ने बस एक बात कही थी- हे भगवान। मुझे समझ आ गया था कि ये कोई मामूली बीमारी नहीं है। शेखर सुमन को पूरा यकीन है कि उनका बेटा पोते के रूप में वापिस आएगा और हम भी यही दुआ करते हैं कि ऐसा हो जाए।