
नारी डेस्क: 'FIR' और 'भाबीजी घर पर हैं' जैसे शो में काम करने वाले एक्टर ईश्वर ठाकुर इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और उन्हें नौवीं बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबरों के मुताबिक उनकी हालत काफी बिगड़ गई है, उनका ब्लड प्रेशर गिर गया है और कल से ही वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। उनका परिवार अब उनके इलाज को जारी रखने के लिए तुरंत आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है।

54 वर्षीय ईश्वर कई सालों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी बहन जयश्री के अनुसा यह सब 2020 में COVID-19 लॉकडाउन से लगभग तीन महीने पहले उनके पैर में लगी एक चोट से शुरू हुआ था। चूंकि ईश्वर को डायबिटीज है, इसलिए वह चोट ठीक से नहीं भर पाई और बाद में गंभीर संक्रमण में बदल गई। पिछले कुछ वर्षों में उनकी सेहत लगातार बिगड़ती गई है और कई अंगों पर इसका बुरा असर पड़ा है। उन्हें डायबिटीज है, किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं और उनका लिवर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है।

जयश्री ने बताया कि उनके भाई का इलाज जारी रखने की कोशिश में परिवार के सारे पैसे खत्म हो चुके हैं। उन्होंने आगे कहा- "परिवार ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां इलाज का बुनियादी खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है। हमने उसके इलाज में अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी है। यहां तक कि हमें अपना घर भी बेचना पड़ा। मैं और मेरे पति ईश्वर की देखभाल कर रहे हैं, लेकिन अब हम ऐसे मोड़ पर आ गए हैं जहाँं हमें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करें। मैं पूरी तरह बेबस महसूस कर रही हूं। मेरी मां भी दिल की मरीज़ हैं और पूरी तरह हम पर निर्भर हैं,"।

जयश्री के मुताबिक, मंगलवार सुबह ईश्वर की हालत गंभीर हो गई। उसका ब्लड प्रेशर गिर गया और तब से उसे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा- “मैंने कल उससे बात की थी और उसने मुझसे कहा कि वह लड़ना चाहता है। हमें तुरंत फाइनेंशियल मदद की ज़रूरत है क्योंकि हमारे पास उसका इलाज जारी रखने के लिए पैसे नहीं हैं।” जयश्री ने यह भी याद किया कि कैसे टेलीविज़न और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोग ईश्वर की मदद के लिए आगे आए थे, जब COVID-19 के समय में उसकी हेल्थ प्रॉब्लम की खबर पहली बार सामने आई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि परिवार को एक बार फिर मदद की सख्त ज़रूरत है। परिवार अभी ईश्वर के चल रहे इलाज के लिए पैसे का इंतज़ाम करने पर फोकस कर रहा है। जयश्री ने कहा कि ईश्वर अपनी हेल्थ प्रॉब्लम के बावजूद अपनी माँं के लिए दवाइयों का इंतज़ाम करने के तरीके ढूंढता रहा।