
नारी डेस्क: पानी हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है, यह बताने की जरूरत नहीं है। शरीर के लगभग हर जरूरी काम के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। दिनभर कम पानी पीने या शरीर से ज्यादा फ्लूइड निकल जाने पर डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो सकती है। कई बार शुरुआत में इसके संकेत इतने हल्के होते हैं कि लोगों को इसका पता ही नहीं चलता। ऐसे में शरीर हाइड्रेटेड है या नहीं, इसका अंदाजा लगाने के लिए एक आसान स्किन टेस्ट का जिक्र अक्सर किया जाता है। इसे करने के लिए आपको किसी मशीन या खास सामान की जरूरत नहीं होती।
हाथ की स्किन से ऐसे करें टेस्ट
मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन सोनिया नारंग ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए इस आसान तरीके के बारे में बताया। उनके मुताबिक, घर पर हाथ की त्वचा को देखकर शरीर के हाइड्रेशन का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले अपने एक हाथ को उल्टा यानी हथेली को नीचे की तरफ रखें। अब दूसरे हाथ की दो उंगलियों से हाथ के पीछे की त्वचा को हल्के से पकड़कर थोड़ा ऊपर उठाएं। कुछ सेकेंड बाद त्वचा को छोड़ दें। अगर त्वचा छोड़ते ही जल्दी से वापस अपनी सामान्य स्थिति में आ जाती है, तो यह सामान्य हाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। वहीं, अगर त्वचा छोड़ने के बाद कुछ समय तक ऊपर उठी रहती है और तुरंत वापस अपनी जगह पर नहीं आती, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है।
क्या यह टेस्ट पूरी तरह सही होता है
इस टेस्ट से डिहाइड्रेशन का सिर्फ एक अंदाजा लगाया जा सकता है। इसे शरीर में पानी की कमी जांचने का पक्का या मेडिकल टेस्ट नहीं माना जाना चाहिए। खासकर उम्र बढ़ने के साथ त्वचा की लोच यानी elasticity कम होने लगती है। इस वजह से बुजुर्ग लोगों की त्वचा पिंच करने के बाद जल्दी वापस अपनी जगह पर नहीं आ सकती, भले ही शरीर में पानी की गंभीर कमी न हो। इसलिए केवल इस टेस्ट के आधार पर डिहाइड्रेशन का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
इन संकेतों को भी नजरअंदाज न करें
अगर शरीर में पानी की कमी हो रही है, तो इसके साथ कुछ दूसरे संकेत भी दिखाई दे सकते हैं। लगातार कमजोरी या थकान महसूस होना, शरीर में एनर्जी कम लगना, मुंह, होंठ या त्वचा का ज्यादा ड्राई होना और चक्कर जैसा महसूस होना ऐसे संकेत हो सकते हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए। अगर ये लक्षण लगातार बने हुए हैं या ज्यादा गंभीर महसूस हो रहे हैं, तो सिर्फ घर पर किए गए टेस्ट पर निर्भर न रहें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासकर बुजुर्ग लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक हो सकता है और त्वचा वाला टेस्ट हमेशा सही संकेत नहीं देता। इसलिए अगर पानी की कमी के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

शरीर को हाइड्रेट रखना क्यों जरूरी है
शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहना जरूरी है, क्योंकि पानी शरीर के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए दिनभर अपनी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। गर्मी, ज्यादा पसीना आने, एक्सरसाइज या बीमारी के दौरान शरीर को ज्यादा फ्लूइड की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति की पानी की जरूरत अलग हो सकती है। इसलिए सिर्फ किसी वायरल सोशल मीडिया टेस्ट के आधार पर अपनी सेहत को लेकर फैसला लेने के बजाय शरीर के दूसरे संकेतों पर भी ध्यान देना चाहिए।