नारी डेस्क: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा श्रद्धा के साथ सोमवार का व्रत रखते हैं। कई लोग पूरे दिन उपवास करते हैं, जबकि कुछ फलाहार का सेवन करते हैं। हालांकि, केवल व्रत रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस दौरान खानपान और दिनचर्या का सही ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी लापरवाहियां शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, थकान और पाचन संबंधी परेशानियों का कारण बन सकती हैं। यदि कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जाए तो व्रत के दौरान भी शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रह सकता है।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी होना सबसे आम समस्या होती है। यदि आपका व्रत निर्जला नहीं है, तो समय-समय पर पानी जरूर पीते रहें। पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर का फ्लूइड बैलेंस भी बना रहता है। इससे सिरदर्द, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से बचें
कई लोग व्रत के दौरान फलाहार के नाम पर मिठाइयां, मीठी नमकीन, शक्कर से बनी चीजें या अधिक मात्रा में मीठे पेय पदार्थ लेने लगते हैं। ऐसा करने से शरीर में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और बाद में अचानक गिरने से थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए व्रत में भी संतुलित मात्रा में ही मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
शरीर को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी
उपवास के दौरान शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में लगातार काम करना या पर्याप्त आराम न करना शरीर को थका सकता है। यदि संभव हो तो बीच-बीच में कुछ समय आराम करें। इससे शरीर को ऊर्जा बचाने का मौका मिलता है और दिनभर ताजगी बनी रहती है।
तली-भुनी व्रत वाली चीजों का सीमित सेवन करें
अक्सर लोग पूरे दिन हल्का भोजन करने के बाद शाम को व्रत वाले पकौड़े, पुए, कटलेट या अन्य तली हुई चीजें अधिक मात्रा में खा लेते हैं। हालांकि ये व्रत का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन ज्यादा तेल में बनी चीजें पाचन पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। इससे गैस, अपच और पेट भारी होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर होगा कि हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही चुना जाए।

पौष्टिक फलाहार को दें प्राथमिकता
व्रत के दौरान शरीर को जरूरी पोषण मिलना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए ताजे मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स, दूध, दही, छाछ, नारियल पानी और शकरकंदी जैसी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें। ये शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी से भी बचाते हैं। ध्यान रखें कि एक बार में अधिक खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई बार खाना अधिक लाभदायक होता है।
इन लोगों को व्रत के दौरान बरतनी चाहिए अतिरिक्त सावधानी
यदि किसी व्यक्ति को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इसी तरह बुजुर्गों और बच्चों के व्रत रखने पर भी उनके खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि व्रत निर्जला नहीं है, तो पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी, दूध, दही, छाछ या नारियल पानी लेते रहें ताकि शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो।
व्रत खोलने के बाद न करें यह गलती
कई लोग पूरे दिन उपवास रखने के बाद व्रत खोलते समय या अगले दिन सामान्य से कहीं ज्यादा खाना खा लेते हैं। तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन एक साथ खाने से पाचन तंत्र पर अचानक दबाव बढ़ जाता है, जिससे गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए व्रत के बाद भी कम से कम एक दिन तक हल्का, संतुलित और सुपाच्य भोजन ही करें। इससे शरीर सामान्य स्थिति में आसानी से लौट आता है और पाचन भी बेहतर बना रहता है।
सावन सोमवार का व्रत केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि इस दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सही खानपान, पर्याप्त पानी, संतुलित फलाहार और उचित आराम अपनाकर आप पूरे दिन ऊर्जा से भरपूर रह सकते हैं। वहीं, यदि पहले से कोई गंभीर बीमारी है तो बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक उपवास करने से बचना चाहिए।