
नारी डेस्क : बरसात के मौसम में खानपान का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। इस मौसम में पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग और पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में डाइट में कुछ ऐसी सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है, जो हल्की होने के साथ-साथ फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। आइए जानते हैं मानसून में किन 5 सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
कद्दू
मानसून में कद्दू को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें विटामिन ए समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। कद्दू से बनने वाली सब्जी के अलावा आप इसका सूप भी बनाकर पी सकते हैं। हल्का भोजन पसंद करने वालों के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

लौकी
लौकी को पाचन के लिए हल्की सब्जियों में गिना जाता है। इसमें पानी की मात्रा अच्छी होती है और यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकती है। मानसून में लौकी की सब्जी, रायता या सूप डाइट में शामिल किया जा सकता है।
तुरई
तुरई भी बरसात के मौसम में खाई जाने वाली हल्की हरी सब्जियों में से एक है। इसमें पानी और फाइबर मौजूद होते हैं, जो पाचन को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। इसे सब्जी के अलावा सूप या अन्य व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

सूरन
सूरन यानी जिमीकंद में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। फाइबर डाइजेशन को सपोर्ट करने और नियमित बाउल मूवमेंट बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, इसे अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए।
परवल
मानसून में परवल की सब्जी भी डाइट में शामिल की जा सकती है। इसमें फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। आप इसे सामान्य सब्जी के रूप में या परवल का चोखा बनाकर खा सकते हैं।

मानसून में मौसमी सब्जियों को दें प्राथमिकता
बरसात के मौसम में पेट और पाचन को स्वस्थ रखने के लिए ताजा और अच्छी तरह साफ की हुई सब्जियां खाना जरूरी है। मौसमी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि, सिर्फ किसी एक सब्जी से एसिडिटी या ब्लोटिंग पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं होती। अगर पेट से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।
नोट: सब्जियों को खरीदते समय उनकी ताजगी जरूर जांचें। बारिश के मौसम में खराब, फफूंद लगी या कीड़े लगी सब्जियों को खाने से बचें और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही पकाएं।